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Vivah Muhurat 2026: 59 दिन बाद गूंजेगी शहनाई, आज से मांगलिक कार्य शुरू; यहां देखें- शुभ मुहूर्त
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 04 Feb 2026 03:51 PM IST
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सार
Varanasi News: सनातन धर्म में हर कार्य के लिए अभीष्ट मुहूर्त का होना जरूरी है। ऐसे में आज से मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं। सबसे ज्यादा अप्रैल और मई महीने में सात-सात लग्न हैं।
Vivah Muhurat
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शुक्र ग्रह पश्चिम में उदय हो गए हैं और इसके साथ ही 59 दिन बाद बुधवार से यानी आज से फिर से शहनाई गूंजने लगेगी। बैंड-बाजा और शहनाई के साथ मंडप सजेंगे और वर-वधू सात फेरे लेंगे। सबसे ज्यादा अप्रैल और मई में शादी के मुहूर्त हैं। दोनों महीने में सात-सात लग्न हैं। जबकि मार्च में दो दिन ही शादी के मुहूर्त हैं।
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सनातन धर्म में हर कार्य के लिए अभीष्ट मुहूर्त का होना जरूरी है। शुभ एवं मांगलिक मुहूर्त के लिए गुरु व शुक्र ग्रह का उदय होना आवश्यक है। इन ग्रहों के अस्त होने पर किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं हो सकते। शुक्र ग्रह के अस्त होने से पिछले साल सात दिसंबर से लग्न ठप थे।
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प्रख्यात ज्योतिषविद और श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि एक फरवरी को शुक्र ग्रह पश्चिम में उदय हुए हैं। वह तीन दिनों तक शैशावस्था में रहे। चार फरवरी से वह पूर्ण कांति रूप में होंगे और इसके साथ ही वैवाहिक व मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि शुक्र ग्रह के अस्त होने की वजह से खरमास खत्म होने के बाद भी मांगलिक कार्य नहीं हो रहे थे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 12 माह में छह माह ही शुभ और मांगलिक कार्य के लिए होते हैं। बाकी छह माह त्याग के लिए हैं। बिना मुहूर्त के किए गए कार्य में बाधाएं आती हैं।
फरवरी में पांच है शुभ मुहूर्त
फरवरी में 4, 8, 10, 16 व 12 यानी पांच शुभ मुहूर्त हैं। वहीं, मार्च में दो दिन यानी तीन और 14 शुभ मुहूर्त हैं। वहीं, अप्रैल में 9, 12, 15, 20, 21, 25 व 30, मई में 1, 3, 9, 12, 13, 14 व 11, जून में 12, 19 व 30, जुलाई में 1, 2, 6, 7, 8, 11 व 12, नवंबर में 7, 20, 21, 24, 27 व 30 और दिसंबर में 1, 6, 9, 11 व 13 तक लगन है। इन तिथियों के बीच कुछ विवाह के लिए नक्षत्र मिल रहे हैं।
