महिलाओं ने सैनिकों को भेजी राखी: मांडवी तालाब पर फहराया तिरंगा, जय हिंद के लगे नारे; शहीदों को नमन
Varanasi News: मंडुवाडीह स्थित ऐतिहासिक मांडवी कुंड में स्वतंत्रता दिवस पर दैनिक इंटीग्रेटेड योग कक्षा की महिलाओं ने सीमा पर तैनात जवानों के लिए राखियां भेजीं। योग शिक्षिका पुष्पा सिंह ने कहा कि जवानों की वजह से देशवासी सुरक्षित होकर त्योहार और राष्ट्रीय पर्व मना पाते हैं। कार्यक्रम में करीब 50 महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।
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Independece Day: मंडुवाडीह क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक मांडवी तालाब (मांडवी कुंड) परिसर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और भाई-बहन के रिश्ते की अनोखी मिसाल देखने को मिली। दैनिक इंटीग्रेटेड योग कक्षा से जुड़ी महिलाओं ने सीमा पर तैनात वीर जवानों के लिए राखियां भेजीं। महिलाओं ने कहा कि जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, तभी लोग घरों में सुरक्षित रहकर त्योहार और राष्ट्रीय पर्व मना पाते हैं।
योग शिक्षिका पुष्पा सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने जवानों के लिए राखियां तैयार कर उन्हें भेजा। इस दौरान महिलाओं ने जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता जताते हुए उनके सुरक्षित रहने की कामना की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में डटे जवान हर नागरिक की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। उनके त्याग और साहस के कारण ही देशवासी स्वतंत्र वातावरण में अपने त्योहार और राष्ट्रीय पर्व मना पाते हैं।
पुष्पा सिंह ने कहा कि जवानों को राखी भेजना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उनके प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना व्यक्त करने का माध्यम है। सीमा पर तैनात सैनिक भी देशवासियों को अपना परिवार मानकर उनकी रक्षा करते हैं। ऐसे में राखी के जरिये महिलाओं ने जवानों के साथ भावनात्मक रिश्ता जोड़ने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम में मोहल्ले की करीब 50 महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। सभी ने मिलकर जवानों के लिए राखियां, शुभकामना संदेश और मंगलकामनाएं भेजीं। महिलाओं ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का पर्व है, लेकिन देश की रक्षा करने वाले जवानों के लिए यह रिश्ता पूरे देश से जुड़ा है।
मांडवी कुंड को महर्षि मांडवी की पवित्र तपोस्थली के रूप में भी जाना जाता है। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले इस स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया गया। प्रतिभागियों ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने तथा जवानों के सम्मान की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।