बाढ़ में मां सरस्वती की मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे बजाने को लेकर स्थानीय डीजे संचालकों ने विरोध जताया है। इस बाबत उन्होंने बाढ़ थाना और एसडीएम को लिखित शिकायत देकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। शुक्रवार को पुरानी बाजार और बुढनीचक वीणा धारणी क्लब में मूर्ति विसर्जन किया गया। इस दौरान विसर्जन में शामिल लोग डीजे की धुन पर नाचते रहे, जबकि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। डीजे संचालकों का कहना है कि उन्होंने शुक्रवार शाम भी पुलिस से शिकायत की थी। उस पर कुछ समय के लिए डीजे पर रोक लगाई गई, लेकिन कुछ समय बाद फिर डीजे चालू हो गया, जिससे अन्य डीजे संचालक विरोध कर रहे हैं।
संचालकों ने लगाए गंभीर आरोप
संतोष कुमार ने बताया कि कई स्थानों पर डीजे बजाया जाता है, लेकिन बाढ़ में पाबंदी लगाई जाती है। वह पिछले पांच वर्षों से नोटिस का पालन करते हुए डीजे नहीं बजाते। उनके अनुसार, नियम का पालन करने वाले पर कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि नियम तोड़ने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
राहुल कुमार ने कहा कि उनके घर पर नोटिस आने के बाद उन्होंने डीजे नहीं बजाया, लेकिन दो अन्य डीजे संचालकों ने डीजे चालू रखा, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस से शिकायत की, जिस पर उन्हें एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। डीजे पर पाबंदी लगने से उनकी रोज़ी-रोटी प्रभावित हुई है।
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शैलेंद्र कुमार ने कहा कि किसी भी पर्व-त्योहार के दौरान प्रशासन द्वारा डीजे संचालकों को नोटिस दिया जाता है, जिसका पालन वे करते हैं। इस बार बुढनीचक वीणा धारणी क्लब के मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे बजाया गया, जिस पर उन्होंने बाढ़ थाना को सूचित किया। कुछ समय के लिए डीजे बंद हुआ, लेकिन फिर से चालू हो गया और अन्य डीजे संचालकों का मजाक उड़ाया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ में सैकड़ों डीजे संचालक हैं, लेकिन सिर्फ पुरानी बाजार के गणेश डीजे और वीणा धारणी क्लब में डीजे बजाया गया। बाढ़ थाना अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह ने कहा कि मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।