छत्तीसगढ़ के महासमुंद में किसानों की समस्याओं को लेकर सियासत गरमा गई है। खाद की किल्लत और किसानों के हक की लड़ाई को लेकर आज किसान कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन से निकली इस विशाल रैली ने न सिर्फ शहर का ध्यान खींचा, बल्कि एसडीएम कार्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीएम कार्यालय के बाहर कांग्रेसी नेताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, उपाध्यक्ष दाऊलाल चंद्राकर, राजेश जैन, जिला अध्यक्ष मानिक साहू और पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर सहित कई दिग्गज नेता कर रहे थे।
किसान कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से प्रति एकड़ खाद की कटौती का फरमान वापस लेने, 3 बार में खाद देने की नीति बंद करने, जितनी आवश्यकता उतना खाद-बीज का अधिकार देने, डीजल-पेट्रोल की सुलभ आपूर्ति करने, कृषि बिजली की बढ़ती दरें वापस लेकर किसानों को मुफ्त बिजली देने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाकर प्रदेश में एक दर सुनिश्चित करने, KCC की राशि बढ़ाकर 40 हजार प्रति एकड़ करने, धान व कृषि उपज की एक मुश्त राशि का भुगतान करने और विभागीय योजनाओं में पारदर्शिता व लंबित अनुदान का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। इस दौरान किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि, किसानों की परेशानी और खाद की ब्लैक मार्केटिंग को लेकर यह हमारे आंदोलन का पहला चरण है। आज हमने सिर्फ ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अगर सरकार ने अपनी नीतियां नहीं सुधारीं, तो आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर किसानों की इस गंभीर समस्या को लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। हमारी हर समिति में ७ सदस्यीय निगरानी समिति तैनात है, जो किसानों की दिक्कतों और खाद की कालाबाजारी पर पूरी नजर रखे हुए है।