राजनांदगांव जिला स्थित श्री गौशाला पिंजरापोल परिसर में गुरुवार को गौसेवा से जुड़े कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस दौरान प्रस्तावित गौ चिकित्सालय की आधारशिला रखी गई और गौवंश के बेहतर उपचार व संरक्षण के लिए नई सुविधाओं की घोषणा की गई।
वर्ष 1904 से गौसेवा के क्षेत्र में कार्यरत श्री गौशाला पिंजरापोल परिसर में गुरुवार को विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गौशाला में प्रस्तावित गौ चिकित्सालय सहित अन्य निर्माण कार्यों की शुरुआत की।
इस मौके पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गौसेवा आयोग के पदाधिकारी, समाजसेवी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान गौवंश के उपचार और संरक्षण के लिए नई सुविधाओं पर जोर दिया गया।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि गौशाला में नए शेड का लोकार्पण और आधुनिक गौ चिकित्सालय का भूमिपूजन किया गया है। चिकित्सालय शुरू होने के बाद बीमार और घायल गौवंश को बेहतर उपचार की सुविधा एक ही स्थान पर मिल सकेगी, जिससे गौशाला की व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) से जुड़े संशोधन कानून का भी स्वागत किया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े प्रावधान किए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के लिए 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जिससे भविष्य में परीक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाने वालों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।