राजनांदगांव में शहर के कृषि उपज मंडी प्रांगण में जिला किसान संघ ने किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में आ रही समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में बड़ी संख्या में किसान संघ के पदाधिकारी सदस्य और किसान उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों के उन मुद्दों को सरकार के समक्ष रखना था, जिनके कारण उनकी धान की फसल की खरीद समय पर नहीं हो पा रही है। इस समस्या के समाधान हेतु एक हस्ताक्षर अभियान चलाने की भी योजना बनाई गई।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में आ रही बाधाएं
बैठक के दौरान प्रदेश किसान संघ के संयोजक सुदेश टीकम ने किसानों को हो रही कठिनाइयों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर गिनती की प्रक्रिया में देरी के कारण बड़ी संख्या में किसानों की धान की खरीदी अभी तक अधूरी है। कई किसानों के लिए "कैरी फॉरवर्ड" की प्रक्रिया रुकी हुई है, "एग्रीस्टेक" से संबंधित कार्य लंबित हैं, तो कुछ किसानों का "रकबा जीरो" कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, रकबा संशोधन से जुड़े कार्य भी अटके हुए हैं। इन सभी समस्याओं के चलते, फसल के अंतिम चरण में भी कई किसानों की धान खरीदी नहीं हो पाई है। सुदेश टीकम ने प्रशासन को आगाह किया कि 30 तारीख की अंतिम तिथि से पहले सभी किसानों की धान खरीदी सुनिश्चित की जाए। जो किसान अभी तक अपनी उपज नहीं बेच पाए हैं, वे अंतिम तिथि को खरीदी केंद्रों पर धान लेकर पहुंचेंगे।
अवैध वसूली और मूल्य वृद्धि का मुद्दा
किसानों की समस्याओं के साथ-साथ, बैठक में कथित तौर पर किसानों से की जा रही अवैध वसूली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसान संघ ने आरोप लगाया कि समितियों में मजदूरी के नाम पर किसानों से लगातार अवैध वसूली हो रही है। इस मुद्दे को लेकर भी एक हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी प्रतियां विधानसभा निवास पहुंचकर सौंपी जाएंगी। किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में मूल्य बढ़ोतरी का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है, जिसे लेकर भी रणनीति बनाई गई। संघ ने अपनी अन्य मांगों को लेकर भी चर्चा की और आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की। इस बैठक के माध्यम से किसानों ने अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।