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VIDEO : हाजिरी संख्या बढ़ाने के लिए चरखी दादरी में बौंद स्कूल की पीपीटी रही श्रेष्ठ
चरखी दादरी में शहर के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में वीरवार को जिला शिक्षा विभाग की खंडस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें बौंद व बाढड़ा खंड के 70 प्राचार्य, बौंद खंड बीईओ राजबाला फोगाट व बाढड़ा खंड बीईओ जलकरण सिंह ने भाग लिया। वहीं, बैठक की अध्यक्षता डीईओ कृष्णा फोगाट ने की।
इसमें मुख्य रूप से बोर्ड परीक्षा परिणाम, परख परीक्षा, एनएमएमएस परीक्षा, विद्यार्थियों की हाजिरी आदि पर चर्चा की गई। साथ ही कुछ प्राचार्यों ने अपनी स्कूली योजनाएं बैठक में साझा कीं। इसमें बौंदकलां स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल प्राचार्य अनिल कुमार ने अपनी पीपीटी प्रस्तुत की। इसमें विद्यार्थियों की हाजिरी पर विशेष फोकस किया।
उन्होंने बताया कि अगर विद्यार्थियों को उनके परिजनों की अनुमति से ही अवकाश दिया जाए और गैरहाजिर रहने वाले विद्यार्थियों के लिए सजा का प्रावधान हो तो हाजिरी में सुधार आएगा। उन्होंने इस प्रक्रिया को अपनाया तो हाजिरी प्रतिशत 60 से 90 फीसदी हो चुका है। इसके अलावा प्रतिदिन कक्षाओं में मॉनिटरिंग कर विद्यार्थियों से विभिन्न विषयों के प्रश्न पूछते हैं। इसके बाद शाम को स्टूडेंट ऑफ द डे घोषित किया जाता है। इनके साथ ही शिक्षकों की बैठक की जाती है। उनसे भी पूरे दिन प्रक्रिया जानने के बाद टीचर ऑफ द डे घोषित किया जाता है। इससे विद्यार्थियों में पढ़ने की उत्सुकता रहती है।
विद्यार्थियों के बनाए समूह
जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फोगाट ने कहा कि शिक्षकों का अपने स्तर पर विद्यार्थियों के लिए प्रयास करना सराहनीय कार्य है। सभी को विद्यार्थियों के समूह बनाने चाहिए और इसमें विद्यार्थियों की क्षमता के हिसाब से उनका चयन करना चाहिए। साथ ही प्रतिदिन समूह प्रतियोगिताएं करवाई जाएं। इनसे उनमें पढ़ने की इच्छा जल्द जागृत होगी और बोर्ड परीक्षाओं में भी इसका अच्छा परिणाम मिलेगा।
एनएमएमएस परीक्षा पर भी किया मंथन
बैठक में एनएमएमएस परीक्षा के बारे में सभी चर्चा की और इसकी तैयारियां करने के निर्देश दिए। इसके अलावा विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका के बजाय एनसीईआरटी की किताब से पढ़ाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा सभी प्राचार्य हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण हैं। स्कूलों आने बच्चों के अभिभावक विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं। इसलिए विद्यार्थियों की गलतियों पर पर्दा न डालें और अभिभावकों की साप्ताहिक बैठक बुलाकर कमजोर विद्यार्थियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उनके पढ़ने तरीके और दिनचर्या में भी बदलाव करें।
अतिरिक्त कक्षाएं लगाएं शिक्षक
सभी स्कूल मुखिया समय के अनुसार बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाने की रूपरेखा तैयार करें। हर दिन एक घंटा अतिरिक्त पढ़ाएं। इसमें विषय के अनुसार दिन का चयन करें और संबंधित शिक्षक की ड्यूटी लगाकर विद्यार्थियों की पढ़ाई में सुधार करें। इनके अलावा साप्ताहिक व मासिक टेस्ट का आयोजन भी किया जाए।
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