{"_id":"69da38f8bf6e52e1960069c0","slug":"video-indian-dairy-engineers-association-convention-and-national-seminar-concludes-2026-04-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"हिसार: इंडियन डेयरी इंजीनियर्स एसोसिएशन कन्वेंशन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिसार: इंडियन डेयरी इंजीनियर्स एसोसिएशन कन्वेंशन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
कार्यशाला के समापन समारोह में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. एके दीक्षित ने कहा कि वर्तमान समय में डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों, डिजिटलीकरण एवं सतत विकास के सिद्धांतों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवा शोधार्थियों से अपने अनुसंधान को व्यावहारिक उपयोगिता से जोड़ना जरूरी है। डॉ. एके दीक्षित लुवास में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित किया।
लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी की ओर से आयोजित 15वें इंडियन डेयरी इंजीनियर्स एसोसिएशन (आईडीईए) कन्वेंशन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी में थीसिस अवार्ड (डेयरी इंजीनियरिंग) की पीएच.डी. श्रेणी में डॉ. अश्विन एस. वारियर ने प्रथम पुरस्कार दिया गया। डॉ. गुरशरण सिंह को द्वितीय स्थान मिला। कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी एवं शोध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि लुवास के कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार एवं स्टार्टअप का युग है । डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से आह्वान किया कि अपने नए विचारों को केवल शोध तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें स्टार्टअप एवं सफल बिजनेस मॉडल में परिवर्तित करें। डेयरी प्रौद्योगिकी, वैल्यू एडिशन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट एवं प्रोसेसिंग के क्षेत्र में नवाचार कर युवा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। विशिष्ट अतिथि आईसीएआर के नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन कैमल बीकानेर के निदेशक डॉ. एके पुनिया ने आज के समय में डेयरी क्षेत्र में वैल्यू एडिशन, क्वालिटी कंट्रोल, फूड सेफ्टी और आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।युवाओं को नवाचार आधारित समाधान विकसित करने चाहिए। इंडियन डेयरी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव डॉ. चित्रनायक सिन्हा ,उपाध्यक्ष ई. आरके चुघ ने संबोधित किया। आयोजन सचिव डॉ. इंदु एवं डॉ. सुमित महाजन ने आभार व्यक्त किया।कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. शरणागौड़ा बी. पाटिल ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य डेयरी इंजीनियरिंग एवं डेयरी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय को बढ़ावा देना है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।