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VIDEO : The issue of high tension wires passing through Jhajjar, farmer leaders reached to meet the district administration, got assurance
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VIDEO : झज्जर से होकर गुजरने वाली हाईटेंशन तारों का मामला, जिला प्रशासन से मिलने पहुंचे किसान नेता, मिला आश्वासन
राजस्थान के कुछ हिस्से से शुरू होकर वाया झज्जर के रास्ते से दिल्ली पहुंचाई जाने वाली किसी कम्पनी की हाईटेंशन तार का मामला अब तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन द्वारा जहां इस मामले में धारा-163 के तहत खेतों में लाईन बिछवाने की बात कही बताई गई है, वहीं किसान नेताओं ने झज्जर जिला प्रशासन द्वारा शुरू की जाने वाली इस कार्यवाहीं को पूरजोर ढंग से विरोध किया है।
सोमवार को किसान कामगार यूनियन के नेता इस मामले को लेकर जिला उपायुक्त से मिलने यहां झज्जर पहुंचे। किसान नेता सत्येंद्र लोहचब के नेतृत्व में आए किसान जिला उपायुक्त के कार्यालय में न होने की वजह से डीआरओ प्रमोद चहल से मिले और अपना पक्ष रखा। किसानों का कहना था कि एक तरफ तो एनजीटी के आदेशोें के तहत एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप-4 लगाया हुआ है और दूसरी तरफ जिला प्रशासन इन्हीं आदेशाें का उल्लंघन कर धारा-163 के तहत खेतों में लाईन बिछवाने की बात कह रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में उनकी केन्द्र के पॉवर मंत्रालय से भी बातचीत चल रही है। सीएम से मिलकर वह अपना पक्ष इस मामले में रख चुके है। उन्होंने ऊपरी स्तर पर आश्वासन भी पूरा मुआवजा दिए जाने के मिल रहे है। लेकिन झज्जर जिला प्रशासन एक तरह से धींगामस्ती कर किसानों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रहा है जोकि असहनीय है। उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान नेता सत्येन्द्र लोहचब ने कहा कि उन्हें डीआरओ की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि किसानों की सहमति के बगैर किसी भी कार्यवाहीं को अागे नही बढ़ाया जाएगा। लोचहब ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की जाती है तो फिर वह आंदोलन की अगली रणनीति बनाने के लिए मजबूर होंगे।
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