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Work on the high-tension power line in Uchana, Jind, has been stopped due to non-payment of compensation
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जींद के उचाना में मुआवजा न मिलने पर हाईटेंशन लाइन का काम रुका
जींद से नरवाना तक बिछाई जा रही हाईटेंशन बिजली लाइन के कार्य को उचाना में किसानों और कॉलोनीवासियों ने मुआवजे की मांग को लेकर दो घंटे तक रोक दिया। उनका आरोप है कि सरकार ने अभी तक तारों के नीचे आने वाली जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया है।
किसान नेता आजाद पालवां का कहना था कि बिजली टावर लगाने के लिए तो मुआवजा दिया गया है, लेकिन टावरों के बीच से गुजरने वाली तारों के नीचे की जमीन के लिए प्रस्तावित मुआवजा बहुत कम है। इसी असंतोष के चलते उन्होंने लाइन खींचने का काम बंद करवा दिया।
किसान नेता आजाद पालवां ने बताया कि काम रुकने की सूचना पर एसडीओ और जेई मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सभी को आश्वासन दिया कि तारों के नीचे आने वाली जमीन का कलेक्टर रेट का 30 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। यह आश्वासन लिखित में भी दिया गया, जिसके बाद कॉलोनीवासियों और किसानों ने काम फिर से शुरू करने की अनुमति दी।
हालांकि, किसानों ने सरकार से अपील की है कि 30 प्रतिशत मुआवजा बहुत कम है और उन्हें पूरा मुआवजा मिलना चाहिए। पालवां ने यह भी मांग की कि जिन जमीनों पर बड़े बिजली के टावर लगाए गए हैं, उनका कलेक्टर रेट का दोगुना मुआवजा दिया जाना चाहिए, क्योंकि टावर लगने से उस जमीन की कीमत आधी रह जाती है।
पालवां ने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि 1963 में भी जब बड़ी लाइनें निकाली गई थीं, तब तारों के नीचे की जमीन या पोल खड़े करने के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया गया था।
एचवीपीएनएल कंस्ट्रक्शन के एसडीओ संजय कुमार ने बताया कि जींद से नरवाना तक हाईटेंशन लाइन का काम चल रहा है। यह लाइन पहले रेलिंग पोल पर लगाई गई थी, जिनकी ऊंचाई कम थी। अब पोल 90 मीटर की बजाय 250 से 300 मीटर की दूरी पर लगाए जा रहे हैं और उनकी ऊंचाई भी बढ़ाकर 60 फीट की गई है। कॉलोनीवासियों में संशय बना हुआ था कि सरकार मुआवजा किस प्रकार से देगी । 10 जुलाई 2024 में सरकार द्वारा मुआवजा के तहत पॉलिसी लाई गई थी कि जहां पर पोल खड़े होंगे व जहां से लाइन गुजरेगी वहां मुआवजा दिया जाएगा ।
उन्होंने बताया कि किसानों व कॉलोनी वासियों को लिखित में यह दिया गया है कि किसी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है उनकी जमीन का जहां पोल खड़े हुए हैं 200प्रतिशत व जहां से लाइन गुजरेगी वहां का 30 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा । जहां से लाइन गुजर रही है लाइन की दोनों साइड के हिसाब से 25मी. का एरिया का मुआवजा दिया जाएगा ।
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