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महेंद्रगढ़: दस वर्षीय बेटे ने नायक पिता को दी मुखाग्नी, सड़क हादसे में लगी थी गंभीर चोट
गांव बवानियां निवासी 35 वर्षीय सेना के जवान नायक अशोक कुमार को सेना की टुकड़ी व ग्रामीणों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। नायक के दस वर्षीय बेटे मैरी ने जब अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नी दी तो हर आंख नम हो गई। जवान के पिता भरत सिंह भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। मैकेनाइज इंफेंट्री से नायब सूबेदार राजू लक्ष्मण राजपूत के नेतृत्व में आई सेना की टुकड़ी ने शहीद को सलामी दी गई।
गांव बवानीया में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब सेना के जांबाज जवान नायक अशोक कुमार के निधन की खबर गांव पहुंची। ग्रामीणों के अनुसार छह माह पूर्व महेंद्रगढ़ के सतनाली मोड़ पर सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे जिसके बाद दिल्ली आर्मी अस्पताल में उपचार चल रहा था। शुक्रवार की सुबह दिल्ली के आर्मी अस्पताल में हार्ट फेल होने से उनका निधन हो गया। 35 वर्षीय अशोक कुमार वर्ष 2012 में आर्मी मेडिकल कोर जोधपुर में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे। शनिवार को गांव बवानियां में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सबसे भावुक क्षण तब आया जब उनके 10 साल के बेटे मैरी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान मिलिट्री स्टेशन से आई सेना की टुकड़ी ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों का कहना है कि अशोक कुमार बेहद मिलनसार और देशभक्त युवक थे। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है। इस मौके पर ग्रामीणों और उपस्थित लोगों ने सरकार से जवान के परिवार को उचित सम्मान और हर संभव सहायता देने की मांग की। नायक अशोक कुमार के परिवार में अब पत्नी पूनम देवी और 10 वर्षीय बेटा मैरी है। अशोक कुुमार के पिता भरत सिंह भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। भाई विजयपाल खेती किसानी करते हैं। नायक अशोक कुमार के जाने से माता विद्या देवी व पत्नी पूनम देवी के साथ-साथ परिवार सदमे में है।
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