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सोनीपत में 18 करोड़ के घपले का आरोप, किसानों ने सीएम को भेजा पत्र
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सरकार व अधिकारियों पर 18 करोड़ रुपये का घपला करने सहित पांच मांगों को लेकर गोहाना रोड स्थित लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने किया। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन दिया।
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि किसानों की पांच मांगों में पहली रेलवे कॉरिडोर के लिए जनवरी 2023 में जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू किया गया था। उस समय किसानों ने कम मुआवजा देने के चलते 8 माह तक धरना दिया। केंद्रीय शहरी विकास एवं ऊर्जा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल मनोहर लाल ने उपायुक्त के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया था।
कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में किसानों का मुआवजा बढ़ाने पर सहमति जताई थी। साथ ही आयुक्त ने 8 फरवरी 2024 को बढ़े हुए मुआवजे को मंजूरी प्रदान कर 29 से 39 लाख रुपये किया था। ऐसे में जिला में 25 से 30 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा के हिसाब से 18 करोड़ रुपये की राशि बढ़ाई गई थी। करीब सवा साल बीत जाने के बावजूद किसानों को बढ़ाई गई मुआवजा राशि नहीं दी गई है।
अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि किसान मुख्यमंत्री को पत्र देने के माध्यम से पूछता है कि किसानों का बढ़ा हुआ मुआवजा अब तक क्यों नहीं दिया गया। इतने समय से बढ़ाई गई 18 करोड़ मुआवजा राशि का ब्याज कौन से अधिकारी खा रहे हैं, मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि जिला में आगजनी की घटनाओं से फसल जलने से किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है, उन्हें प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। 1 अप्रैल 2025 से जमीनों के बढ़ाए गए कलेक्टर रेट लागू किए जाने थे। हर साल महंगाई बढ़ती है तो कलेक्टर रेट भी बढ़ाया जाता है, लेकिन इस बार सरकार ने बढ़ाए हुए कलेक्टर रेट पर रोक लगा दी। अगर कल को सरकारी कार्यों के लिए जमीनों का अधिग्रहण होता है तो इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ेगा। खरीफ का सीजन शुरू होने से किसानों को नहरी पानी मुहैया कराना सुनिश्चित किया जाए। फरमाणा मंडी के 70 फीसदी किसानों को 22 दिन बीत जाने पर भी गेहूं की पेमेंट नहीं मिली है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल में गड़बड़ी से कुछ किसान में फसल की पेमेंट से वंचित हैं।
अभी भी 25 फीसदी पानी जा रहा पाकिस्तान
अभिमन्यु कोहाड़ ने हरियाणा-पंजाब के पानी पर कहा कि दो राजनीतिक पार्टियों में जंग चल रही है। उन्होंने पहलगाम में आतंकी हमले पर कहा कि केंद्र सरकार ने सिंधु जल समझौता पर रोक लगाकर सराहनीय कार्य किया, लेकिन समझौते के रागी, सतलुज, व्यास नदी का 20 से 25 फीसदी पानी अभी भी पाकिस्तान जा रहा है। जो डेम बनाए गए हैं, उनकी हालत खस्ता है। उन्हें ठीक करवाकर 25 फीसदी पानी को भी हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश के किसानों को दिया जाए। 45 साल से शारदा यमुना लिंक परियोजना पर किसी सरकार ने काम नहीं किया, जबकि इस कार्य पर 70 से 75 हजार करोड़ का खर्च ही आना है। इस परियोजना पर काम होने से उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश व गुजरात के किसानों को साढ़े 9 मिलियन एकड़ हीट पानी अलग से मिल सकेगा।
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