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Sunil Remains on Tower for Third Consecutive Day in Sonipat; Former Deputy CM Meets Family Members
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सोनीपत में तीसरे दिन भी टावर से नहीं उतरे सुनील, परिजनों से मिले पूर्व डिप्टी सीएम
गांव असावरपुर में शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की कार्रवाई के विरोध में तीन दिन पहले टावर पर चढ़ा ग्रामीण सुनील वीरवार को भी नीचे नहीं उतरा। उससे व उसके परिजनों से बातचीत करने के लिए राई के नायब तहसीलदार अभिनव मौके पर पहुंचे थे, लेकिन परिजन प्रशासन से तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होने का लिखित आश्वासन मांग रहे हैं।
नायब तहसीलदार का कहना है कि ग्रामीण व परिवार से बातचीत चल रही है, जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। उधर, मामले ने पूरी तरह से राजनीतिक रंग लेना भी शुरू कर दिया है। वीरवार को मौके पर पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
टावर पर चढ़े सुनील के परिजन और ग्रामीणों से बातचीत करते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह लड़ाई दो दशक पहले पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के समय से चली आ रही है।
उनकी सरकार ने यह भूमि राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के नाम पर अधिग्रहित की थी, जिसके चलते हजारों किसान आज भी पीड़ित हैं। इस सरकार ने भी कुछ नहीं किया। यह किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के भी कई निर्णय आए हैं, जिसमें यदि अधिग्रहित जमीन रिलीज किए गए हैं, क्योंकि जिस पर्पज से जमीन का अधिग्रहण हुआ था, समय-सीमा के अंदर वह पूरा नहीं हुआ।
यहां भी यही स्थिति है। दो दशक हो गए, लेकिन एजुकेशन सिटी विकसित नहीं हो पाई। वर्तमान सरकार को इस पर विचार करना चाहिए और किसानों को राहत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे पीड़ित किसान के साथ हैं और कानूनी तौर पर भी जो मदद हो सकेगा, हम करने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा वीरवार को किसानों को समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता अशोक गौतम, आइएनएलडी के जिला अध्यक्ष कुणाल गहलावत तथा अन्य पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचकर परिजनों से बात की।
गौरतलब है कि असावरपुर में मंगलवार को एचएसवीपी की टीम बुलडोजर के साथ पहुंची थी और मकान और स्कूल के कमरों को गिराना शुरू कर दिया। मकान मालिक और किसान सुनील इसका विरोध करते हुए 250 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गए और कार्रवाई नहीं रोकने पर कूदकर जान देने की धमकी दी। इस पर टीम पीछे हट गई और वापस लौट गई, लेकिन सुनील टावर से नहीं उतरा।
उसके परिजनों की मांग है कि इसका उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था करने तक मकान को तोड़ने की कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन प्रशासन दे, तभी वह नीचे उतरेगा। परिजनों का आरोप है कि करीब 20 साल से इस जगह पर गरीब परिवारों के बच्चों के लिए स्कूल चल रहा है और यह जमीन किसी रास्ते में भी नहीं आती।
प्रशासन के साथ हुई बैठक, मुख्यमंत्री से कराई जाएगी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को राई रेस्ट हाउस में सोनीपत के एसडीएम सुभाष चंद्र के साथ मुलाकात करने के लिए बुलाया गया। प्रतिनिधिमंडल के साथ गए गांव के रामबीर पंडित ने बताया कि अधिकारियों ने उनकी सीएम से मुलाकात करवाने की बात कही है। अधिकारी चाहते हैं कि सुनील को टावर से उतारकर उसे भी सीएम से मुलाकात करवाने के लिए ले जाया जाए।
संभवतः शुक्रवार को सीएम के साथ मुलाकात होगी। एसडीएम सुभाष चंद्र ने बताया कि किसानों ने अधिग्रहित जमीन को रिलीज करने की मांग की है। इसको लेकर किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जाएगी। एसडीएम ने कहा कि मौके पर एंबुलेंस तैनात की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
उन्होंने बताया कि सुनील अपने साथ खाने-पीने का सामान लेकर गया है और समय-समय पर उसे ऊपर जरूरी सामान भी पहुंचाया जा रहा है। हालांकि परिजनों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह अपने साथ किसी खाने-पीने का सामान नहीं ले गया और तीन दिन से भूखा टावर पर बैठा है, जिससे उसकी तबीयत भी बिगड़ रही है। वह अपने साथ मोबाइल लेकर टावर पर चढ़े थे, लेकिन अब उसका फोन भी बंद हो चुका है। इससे उनकी चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। सुनील की पत्नी पूनम ने कहा कि उनके पति ने तीन दिन से कुछ नहीं खाया है। अगर उनके पति को कुछ होता है, तो इसके लिए प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होगी।
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