{"_id":"6a6b3466ca4aea894e0f5566","slug":"video-auhar-gram-sabha-dispute-premlata-thakur-demands-fair-investigation-bilaspur-2026-07-30","type":"video","status":"publish","title_hn":"Bilaspur Auhar Dispute: औहर ग्राम सभा विवाद में पूर्व प्रधान ने डीसी-एसपी से लगाई न्याय की गुहार, प्रधान-उप प्रधान को हटाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur Auhar Dispute: औहर ग्राम सभा विवाद में पूर्व प्रधान ने डीसी-एसपी से लगाई न्याय की गुहार, प्रधान-उप प्रधान को हटाने की मांग
ग्राम पंचायत औहर में 26 जुलाई को आयोजित ग्राम सभा के दौरान हुए विवाद में अब दूसरा पक्ष भी सामने आ गया है। पूर्व प्रधान प्रेमलता ठाकुर ने गुरुवार को ग्रामीणों के साथ उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की।
पूर्व प्रधान ने वर्तमान प्रधान, उप प्रधान और अन्य लोगों पर ग्राम सभा के दौरान अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और जातिसूचक टिप्पणी करने के आरोप लगाए। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक प्रधान और उप प्रधान को पद से हटाया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष ढंग से हो सके।
प्रेमलता ठाकुर ने बताया कि वह पूर्व प्रधान होने के नाते 26 जुलाई को आयोजित ग्राम सभा में शामिल होने पहुंची थीं। उनका आरोप है कि सभा शुरू होते ही वर्तमान प्रधान ने उनके चरित्र, परिवार और खानदान को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं। जब उन्होंने माइक लेकर अपना पक्ष रखने का प्रयास किया तो उन्हें बोलने से रोक दिया गया और कथित रूप से धक्का-मुक्की कर सभा से बाहर जाने के लिए कहा गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान वर्तमान प्रधान की पत्नी ने उनके साथ मारपीट की और कपड़े फाड़ने का प्रयास किया। वहीं, उनके साथ मौजूद एक पूर्व वार्ड सदस्य के खिलाफ उप प्रधान द्वारा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
पूर्व प्रधान ने प्रधान की ओर से लगाए जा रहे राजनीतिक साजिश के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि यदि उनका उद्देश्य राजनीतिक साजिश करना होता तो वह सीधे प्रधान के खिलाफ शिकायत करतीं, लेकिन उन्होंने केवल उन्हीं लोगों के खिलाफ शिकायत दी है, जिन पर जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप है।
उन्होंने प्रशासन से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि जांच पूरी होने तक प्रधान और उप प्रधान की शक्तियां वापस लेकर उन्हें पद से हटाया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए उन्हें न्याय दिलाएगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।