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Mandi: धर्मपुर में डीएसपी संजीव सूद की पंचायतों से अपील, नशे के खिलाफ चलाएं अभियान
Ankesh Dogra
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:30 PM IST
मिनी सचिवालय धर्मपुर में पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताई गई। डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने पंचायत प्रतिनिधियों से पुलिस के साथ मिलकर नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग और विशेषकर पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
डीएसपी ने कहा कि पंचायतें गांव की सबसे निचली और मजबूत लोकतांत्रिक इकाई हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का अपने क्षेत्र के परिवारों और युवाओं से सीधा संपर्क रहता है। ऐसे में वे नशे की समस्या को शुरुआती स्तर पर पहचानने और युवाओं को इसकी गिरफ्त में आने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखें। यदि किसी युवक के नशे की ओर बढ़ने की जानकारी मिलती है तो उसे अपराधी समझने के बजाय समय रहते परिवार और संबंधित विभागों की मदद से मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि एक युवा को नशे से बचाना केवल एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी को बचाना है।
संजीव सूद ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है, लेकिन नशे की मांग को कम करना भी उतना ही जरूरी है। पंचायतें जागरूकता बैठकों, महिला मंडलों, युवक मंडलों, स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक कर सकती हैं।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों में संदिग्ध गतिविधियों और नशे के कारोबार की सूचना पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। समाज के सहयोग से ही नशा तस्करों के नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है।
डीएसपी ने अभिभावकों से भी बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों और युवाओं की संगत, दिनचर्या तथा व्यवहार में आने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। युवाओं को खेलकूद, शिक्षा, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे से दूर रखा जा सकता है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में ‘नशामुक्त पंचायत’ की दिशा में अभियान शुरू करने का आग्रह किया। साथ ही युवाओं को जागरूक करने और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग पंचायतों को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
प्रशिक्षण शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक विषयों की जानकारी दी गई। इस दौरान नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए पंचायत, पुलिस, प्रशासन, अभिभावकों और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल, तहसीलदार धर्मपुर प्रवीण शर्मा और बीडीओ धर्मपुर सौरभ ठाकुर भी मौजूद रहे।
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