{"_id":"69638a09a0e09bd9930a962b","slug":"video-mandi-over-rs-2-lakh-paid-to-farmers-on-corn-crop-in-karsog-2026-01-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"Mandi: करसोग में किसानों को मक्की की फसल पर दो लाख से अधिक का भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi: करसोग में किसानों को मक्की की फसल पर दो लाख से अधिक का भुगतान
हिमाचल में प्राकृतिक खेती की ओर किसानों का रूझान बढ़ रहा है। इससे न केवल उच्च गुणवत्ता वाली फसल मिल रही है बल्कि, यह खेती किसानों की तकदीर भी बदल रही है। प्राकृतिक खेती से किसानों के जीवन में विश्वास, सम्मान और खुशहाली आई है। प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान योजना मुख्यमंत्री की उस सोच का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसमें किसानों को केंद्र में रख कर, उनके हित में नीतियां बनाई जाती हैं। इस योजना के अंतर्गत करसोग उपमंडल में 39 किसानों से इस वर्ष राज्य सरकार ने प्राकृतिक विधि से उत्पादित लगभग 50 क्विंटल मक्की की खरीद की है, जिसका भुगतान सरकार द्वारा मक्की पर घोषित समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किया गया है। किसानों को 2 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से किया गया है। अब किसान अपनी उपज का सही मालिक खुद होगा। पहले, जहां बिचौलियों के कारण किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता था, वहीं अब सीधी सरकारी खरीद से किसान पूरी तरह निश्चिंत हैं। जब किसान के हाथ में पैसा आता है, तो उसका असर पूरे गांव पर पड़ता है। करसोग क्षेत्र में मक्की की खरीद से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। किसान लोग घर गांव में नए कार्य शुरू करते हैं जिससे स्थानीय दुकानदारों और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलता है। क्योंकि, किसानों के हाथ में पैसा होने से किसान अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बाजार से खरीददारी भी करता है। राज्य सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि गांव की गलियों तक असर दिखा रही हैं। करसोग क्षेत्र के किसान जोगिंद्र सिंह, उत्तम चंद, द्रौपती देवी, लता देवी, मीरा देवी, नीलम, आशा देवी, नरेंद्र कुमार, मीरा देवी सहित अनेक किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है। जिसके सुखद परिणाम मिलने से यह योजना सभी किसानों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक विधि से उत्पादित मक्की की फसल पर समर्थन मूल्य मिलने और सरकार द्वारा इसकी खरीद से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। हाथ में पैसा आने से जीवन की राह आसान हुई है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।