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Rampur Bushahr: अमर चंद नेगी बोले- भाजपा नेता सूरत नेगी पर मानहानि के दो मामलों में आरोप तय
भाजपा नेता सूरत नेगी पर जगत सिंह नेगी की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से तथ्यहीन आरोप लगाने के मामले में मानहानि के दो अलग-अलग मुकदमों में आरोप तय किए गए हैं। यह बात अधिवक्ता एवं जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य अमर चंद नेगी ने वीरवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश ने निचली अदालत के फैसलों को पलटते हुए सूरत नेगी को बतौर आरोपी पेश होने का आदेश दिया था। यह मामला 2022 का है जब सूरत नेगी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए जगत सिंह नेगी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और कहा था कि वे जनधन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इन आरोपों से आहत होकर जगत सिंह नेगी ने माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत में आईपीसी की धारा 500 के तहत मानहानि का मुकदमा दायर किया था। सीजेएम अदालत ने 2022 में अपने फैसले में कहा था कि सूरत नेगी को तलब करने लायक कोई मामला नहीं बनता है, जिससे जगत सिंह नेगी असंतुष्ट थे। इस फैसले को माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश में चुनौती दी गई। उच्च न्यायालय ने जगत सिंह नेगी की पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए पाया कि लगाए गए आरोपों से मानहानि का मामला बनता है। उच्च न्यायालय ने सूरत नेगी को सीजेएम अदालत में बतौर आरोपी पेश होने का आदेश दिया। सूरत नेगी स्वयं अदालत में उपस्थित नहीं हुए, लेकिन उनके अधिवक्ता हाजिर हुए। अब इस मामले में सूरत नेगी पर आरोप तय हो गए हैं। दूसरा मुकदमा 2020 का है। इस मामले में भी सूरत नेगी ने मंत्री जगत सिंह नेगी की राजनीतिक छवि को धूमिल करने और उन पर रिश्वत लेने का आरोप लगाने के उद्देश्य से बयान दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि जगत सिंह नेगी विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं, सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं और गलत डील करके सरकार के पैसे का गबन कर रहे हैं। इन आरोपों से आहत होकर जगत सिंह देवी ने 2020 में भी एक और मानहानि का मुकदमा दायर किया। 26 अगस्त 2022 को सीजेएम अदालत ने इस मामले में भी कहा था कि सूरत नेगी को तलब नहीं किया जा सकता, जिससे जगत सिंह नेगी असंतुष्ट थे। इस फैसले को भी माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश में पुनरीक्षण याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने याचिका पर विचार करते हुए पाया कि लगाए गए आरोपों के आधार पर मानहानि का मामला बनता है और सूरज नेगी को बतौर आरोपी सीजेएम अदालत में पेश होने का आदेश दिया। इस मामले में भी सूरत नेगी पर आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं। आगामी 30 अगस्त 2025 को जगत सिंह नेगी और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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