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VIDEO : Muslims living in Shyampur and Bangaran Puruwala area of Paonta Sahib sought protection from SP and DC Sirmour
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VIDEO : साहब! तोड़ी जा रही झोंपड़ियां, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को किया जा रहा परेशान
पांवटा साहिब के श्यामपुर और बांगरण पुरूवाला क्षेत्र में रह रहे वन गुर्जरों ने स्थानीय लोगों से पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त सिरमौर से जान और माल की सुरक्षा की मांग की है। क्षेत्र के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को नाहन में पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त से मिला और अपनी मांग को लेकर ज्ञापन दिया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल बशीर, अकबर, नीजामुदीन, अलीजान, काकू, गनी, मोरतजा, बसर समेत दो दर्जन लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से दोनों अधिकारियों को बताया कि वह सभी पांवटा के श्यामपुर और बांगरण पुरूवाला क्षेत्र में रह रहे हैं। छह महीने यहां रहने के बाद पहाड़ों की ओर चले जाते हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 31 मार्च को जो पशुओं के अवशेष मिलने की घटना मिली। उसके आरोपी पकड़े जा चुके हैं, उनका इससे कुछ भी नहीं लेना देना है। इसके बाद भी उनके झोंपड़ों को टारगेट किया जा रहा है। स्थानीय लोग, वन और पुलिस विभाग पर दवाब बनाकर उनको परेशान कर रहे हैं। कई झोंपड़े भी गिरा दिए हैं। वह इस तेज धूप में खुली छत्त रहने को विवश हैं। कई लोग आकर आधार कार्ड तो दूसरी चीजों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारी पुश्त दर पुश्त हिमाचल की निवासी हैं। बावजूद इसके हमें अकारण परेशान करके धमकियां दी जा रही हैं। यहां से चले जाने को कहा जा रहा है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने 2028 में दिए अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जब तक गुर्जरों को रहने के लिए जमीन नहीं दी जाती, तब तक वह जंगलों में रहने के लिए आजाद हैं। उनको वहां से कोई नहीं हटा सकता है। उन्होंने 2006 के वन अधिकार अधिनियम का भी हवाला दिया है। पीड़ित लोगों ने कहा कि पहले भी इस तरह की हरकतें उनके साथ हुई थी। तब पुलिस व वन विभाग ने दखल देकर उनको इंसाफ दिलवाया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस और जिला प्रशासन उनके जान और माल की हिफाजत करके उनके जान-माल की हिफाजत करेगा।
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