अनूपपुर जिले में मंगलवार को युवक कांग्रेस ने पूर्व में सौंपे गए ज्ञापन पर कोई कार्रवाई न होने के चलते कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। कार्यालय का घेराव करते समय पुलिस ने कार्यकर्ताओं को भीतर प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया। लेकिन, जब वे नहीं रुके तो पहले वाटर कैनन का उपयोग किया गया। इसके बाद भी युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं माने तो उन्हें गिरफ्तार कर सर्किट हाउस ले जाया गया।
ये भी पढ़ें:
पुजारी के साथ मारपीट करने वाले विधायक पुत्र समेत 9 आरोपियों ने किया थाने में सरेंडर
दरअसल, 9 अप्रैल को युवक कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सात सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग की थी और इसके लिए तीन दिन का समय दिया था। तय समय में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। इसी के तहत मंगलवार को पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को, जिला कांग्रेस प्रभारी सुखेन्द्र सिंह बन्ना, प्रदेश अध्यक्ष युवक कांग्रेस मितेंद्र दर्शन सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया।
लेकिन, पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी और कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। जब कार्यकर्ता नहीं रुके तो वाटर कैनन का उपयोग कर उन्हें तितर-बितर किया गया और इसके बाद गिरफ्तार कर सर्किट हाउस ले जाया गया। वहीं, अपर कलेक्टर ने सात सूत्रीय मांगों में जो मामले न्यायालय में विचाराधीन नहीं हैं, उन पर कार्रवाई के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी। साथ ही इसका लिखित आश्वासन पत्र भी दिया गया।
ये भी पढ़ें:
मिशन अस्पताल प्रबंधन समिति के नौ सदस्यों पर FIR, अवैध रूप से चल रही थी कैथ लैब, आरोपी डॉ से पूछताछ जारी
इन मांगों को लेकर किया गया था आंदोलन
- नवगठित नगर परिषद बनगवां, डोला, डूमरकछार में हुए फर्जी संविलियन भर्ती घोटाले की जांच।
- बढ़ते अवैध उत्खनन और रेत ठेकेदारों की मनमानी।
- पेसा एक्ट का पालन न होना।
- बढ़ती अवैध शराब बिक्री और गांव-गांव हो रही पैकारी।
- जिले में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था।
- अनूपपुर मुख्यालय में धीमी गति से निर्माणाधीन ओवर ब्रिज का कार्य।
- एसईसीएल में ठेका कंपनियों और जेएमएस जैसी निजी कोयला खदानों की मनमानी- भूमि अधिग्रहण के बिना खनन, मुआवजा न देना, स्थानीय युवाओं को रोजगार न देना।
- जिले में नल-जल योजना में हो रहे भारी भ्रष्टाचार की जांच।
- विद्युतविहीन गांवों की समस्या।