बालाघाट जिले में करीब 500 से 600 करोड़ रुपये के बहुचर्चित डबल मनी घोटाले का पुलिस ने खुलासा करते हुए इसके मास्टरमाइंड सोमेंद्र कंकराने समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि फरारी के दौरान सोमेंद्र विभिन्न तीर्थस्थलों पर छिपा हुआ था और टेलीग्राम ऐप के माध्यम से अपने साथियों के संपर्क में रहता था। गिरफ्तारी के बाद उसने कहा कि "बहती गंगा में कई लोगों ने हाथ धोए हैं।"
छह महीने तक चली तलाश
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पिछले छह महीने से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। पिछले डेढ़ महीने से पुलिस की विशेष टीमें नागपुर, हरिद्वार और भोपाल सहित विभिन्न शहरों में आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और सोमेंद्र को गिरफ्तार कर बालाघाट लाया गया।
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2016-17 से चल रहा था खेल
एसपी आदित्य मिश्रा के अनुसार, डबल मनी योजना की शुरुआत वर्ष 2016-17 में हुई थी, लेकिन वर्ष 2019 में इसकी पहली शिकायत सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। वर्ष 2022 में जांच के दौरान पूरे रैकेट का खुलासा हुआ और कई आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। इस दौरान 41 बैंक खाते फ्रीज किए गए थे। वर्ष 2023 के बाद मुख्य आरोपी फरार हो गए थे।
डायरी से खुलेंगे कई राज
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने सोमेंद्र के पास से एक महत्वपूर्ण डायरी जब्त की है। एसपी ने बताया कि डायरी में निवेशकों के नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और लेन-देन का पूरा विवरण दर्ज है। इससे यह पता चल सकेगा कि किन लोगों ने कितना निवेश किया और किन माध्यमों से धन एकत्र किया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में एजेंटों की भूमिका सबसे अहम रही। एजेंटों के जरिए लोगों से पैसे जमा कराए गए और उन्हें रकम दोगुनी होने का लालच दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि जमानत मिलने के बाद भी कई लोगों ने आरोपियों को निवेश के नाम पर रकम सौंपी थी।
कई आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में सोमेंद्र कंकराने, तामेश मंसुरे, राकेश मंसुरे, प्रद्युम्न कंकराने, योगेंद्र कंकराने, दिनेश कंकराने, रूपचंद सहित एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में हो रहे नए खुलासे
पूछताछ के दौरान सोमेंद्र ने बताया कि फरारी के समय वह विभिन्न तीर्थस्थलों पर रह रहा था। उसने यह भी बताया कि उसकी एक गाड़ी गोंदिया में गिरवी रखी गई थी, जबकि दूसरी गाड़ी बालाघाट के एक राजनेता के गनमैन के पास होने की जानकारी दी है। सोमेंद्र का दावा है कि कई लोगों ने उसके नाम का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे वसूले और पूरा दोष उसी पर मढ़ दिया। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई प्रभावशाली लोगों और बड़े निवेशकों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे वित्तीय नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच जारी है।

मुख्य आरोपी पकड़ा गया.