भिंड में भीषण गर्मी और नौतपा के बीच मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली कि हर तरफ तबाही के मंजर देखने को मिल रहे हैं। चली तेज आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीती रात इस आपदा में एक महिला सहित तीन लोगों की जान चली गई है, जबकि कई मवेशियों की भी मौत हो गई है।
जिले के विभिन्न हिस्सों से मिल रही जानकारी के अनुसार मौसम की यह मार जानलेवा साबित हुई है।शुक्रवार को बीती रात देहात थाना क्षेत्र के सदारीपुरा और चरथर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, साथ ही चार बकरियों ने भी दम तोड़ दिया।इस घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
वहीं, गोहद के सर्वा गांव में तूफानी हवाओं के चलते एक तबेले की दीवार ढह गई, जिसमें एक भैंस की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गईं।गोहद में ही एक अन्य दुखद घटना में कृषि उपज मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष के बेटे जितेंद्र सिंह तोमर की मौत हो गई।
बताया गया है कि वे घर में सो रहे थे, तभी तूफान के दबाव से छत की पटिया उन पर गिर गई, जिससे उनकी जान चली गई।मौ क्षेत्र के अतरसोंहा गांव में भी स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। यहां जगमोहन सिंह गुर्जर के घर की छत गिर जाने से तीन भाई मलबे में दब गए।सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
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कड़ी मशक्कत के बाद 50 वर्षीय शिव कुमार गुर्जर को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।हादसे में 45 वर्षीय रामवीर सिंह और 65 वर्षीय अमर सिंह गुर्जर घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
मौसम के इस तांडव के कारण मेहगांव में एक ऑटो के ऊपर पेड़ गिर गया, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि चालक चमत्कारिक रूप से बच गया।शहर की मुख्य व्यवस्था पर भी इसका गहरा असर पड़ा है; जिला अस्पताल के गेट पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा, वहीं जिलेभर में बिजली के खंभे उखड़ने से लाइट नहीं है।फिलहाल, जिला प्रशासन नुकसान का विस्तृत आंकलन करने में जुटा हुआ है और राहत कार्यों पर जोर दिया जा रहा है।