विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में लोग स्मारक परिसर पहुंचे और सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया। लेकिन, इस आयोजन के बाद पुरातत्व विभाग की लापरवाही सामने आई। योग अभ्यास के बाद प्रतिभागियों को नाश्ते और लंच के पैकेट वितरित किए गए। लोगों ने वहीं बैठकर खाना खाया, लेकिन खाली पैकेट, पॉलिथीन, रैपर और अन्य कचरा परिसर के गार्डन में ही फेंक दिया। इससे पूरे विश्व धरोहर स्मारक परिसर में गंदगी फैल गई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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यह वह स्थान है, जहां बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक प्रतिदिन पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की गंदगी और अव्यवस्था से न केवल पर्यावरण प्रभावित होता है, बल्कि भारत की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। भारत सरकार जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता पर विशेष जोर दे रही है। वहीं, पुरातत्व विभाग की यह लापरवाही इस अभियान को धता बताने जैसी प्रतीत हो रही है।
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स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आयोजन स्थल पर कोई भी सफाईकर्मी या जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था, जो लोगों को समझा सके कि कचरा डस्टबिन में ही डालें या स्वयं परिसर की सफाई कर सके। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि स्मारक परिसर के आसपास कहीं भी डस्टबिन नहीं रखे गए थे। ऐसे में यह एक गंभीर लापरवाही है जिसकी जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग पर जाती है।