हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बागेश्वर धाम में कन्या विवाह महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। इस बार का महोत्सव इसलिए खास है क्योंकि यह महोत्सव सिर्फ राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय हो गया है। नेपाल की भी एक बेटी का विवाह धाम से हो रहा है। रविवार को बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर-वधू को लहंगा, चुनरी, शेरवानी, टोपी, वरमाला आदि सामग्री भेंट की। बागेश्वर महाराज ने अपने सभी समधियों को समझाइश दी कि वह बहू को बेटी की तरह रखें किसी भी प्रकार की कोई शिकायत न आए।
महाराज श्री कुछ समधियों को बुलाकर उनसे मजाक करते हुए उन्हें गुलाल भी लगाया। महाराज श्री ने बताया कि इस बार वर और वधू के नाम से संयुक्त रूप से 30 हजार की एफडी कराई जाएगी। यह एफडी पांच वर्ष से पहले नहीं तोड़ी जा सकेगी। करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि को सप्तम कन्या विवाह महोत्सव आयोजित हो रहा है। इस महोत्सव में 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा। रविवार को वर और वधू पक्ष को बुलाकर शुरुआती सामग्री भेंट की गई।
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अब बालाजी की बेटियां
बागेश्वर महाराज ने कहा कि यह बेटियां अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देश भर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सान्निध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। महाराज श्री ने बताया कि सर्वे टीम ने अथक परिश्रम कर पांच सैकड़ा से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन, पितृहीन बेटियों में से 300 बेटियों को विवाह के लिए सूचीबद्ध किया है।
महाराज श्री ने कहा कि पांच सैकड़ा से अधिक बेटियां विवाह की पात्रता रखती थीं, लेकिन बागेश्वर धाम वर्तमान में सिर्फ 300 बेटियों को विवाह बंधन में बांधने की सामर्थ्य रखता है इसलिए इन बेटियों को चुना गया है। महाराज श्री ने सभी को मंगल आशीर्वाद देते हुए कहा कि जो बेटियां दूर से आने वाली हैं वे 14 फरवरी को आ जाएं। बागेश्वर महाराज ने सर्वे टीम सहित व्यवस्था संभालने वाले परिकर की मुक्त कंठ से सराहना की।
वर वधू पक्ष के लिए यह रहेगी व्यवस्था
वर एवं वधू पक्ष को जो महत्वपूर्ण पास दिए गए हैं उनमें वधू पक्ष के वाहनों के लिए दो पास एवं वधू के लिए एक कार्ड दिया गया है। इसी तरह वर पक्ष के वाहनों के लिए दो पास एवं उपहार ले जाने के लिए एक उपहार वाहन पास दिया गया है। साथ ही वर के लिए कार्ड दिया गया है। वर तथा वधू पक्ष के 25-25 सदस्यों के लिए भोजन के कूपन भी उपलब्ध कराए गए हैं ताकि वे आसानी से भोजन प्राप्त कर सकें। महाराज श्री ने वर वधू मंडप भोजन हेतु अलग से भोजन की व्यवस्था की है।

पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री