आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर की टीम ने गुरुवार अलसुबह पीडब्ल्यूडी विभाग के रिटायर्ड एसडीओ महेंद्र नागवंशी के ठिकानों पर छापेमारी की। डीएसपी मंजीत सिंह के नेतृत्व में 25 सदस्यीय दल ने परासिया रोड स्थित आवास और गुरैया रोड स्थित आटा मिल में एक साथ कार्रवाई की। देर शाम तक चली इस कार्रवाई में टीम को आय से अधिक संपत्ति के कई अहम साक्ष्य मिले हैं।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार नागवंशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर मामला दर्ज किया गया और विशेष न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर छापेमारी की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि शासकीय सेवा के दौरान नागवंशी को लगभग 1.5 से 1.75 करोड़ रुपये वेतन प्राप्त हुआ था, जबकि अब तक 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और निवेश के साक्ष्य मिल चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़ा उनकी आय से करीब 200 प्रतिशत अधिक है।
ये भी पढ़ें: Bhopal News: पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप, युवक ने फांसी लगाकर दी जान; सुसाइड से पहले बनाया था वीडियो
छापेमारी में शहर में स्थित दो मकान, एक दुकान और कृषि भूमि सहित करीब डेढ़ करोड़ रुपये की अचल संपत्ति का पता चला है। इसके अलावा गुरैया रोड स्थित आटा फ्लोर मिल में लगभग ढाई करोड़ रुपये का निवेश सामने आया है। टीम को 30 लाख रुपये कीमत के वाहन, जिनमें दो चार पहिया और तीन दोपहिया शामिल हैं, भी मिले हैं। इसके साथ ही एलआईसी की 20 लाख रुपये का निवेश की हुई 18 पॉलिसियां भी बरामद हुई हैं। कार्रवाई के दौरान 51 हजार रुपये नकद और लगभग 10 लाख रुपये के आभूषण भी मिले हैं।
ईओडब्ल्यू ने नागवंशी के बैंक खातों की भी जांच शुरू कर दी है, जिनमें बड़ी राशि जमा होने की जानकारी मिली है। अधिकारियों का कहना है कि खातों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। फिलहाल ईओडब्ल्यू की कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।