दमोह जिले के इस समय तेंदूखेड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले अधिकांश जंगलों में आग लगी हुई है। पिछले तीन दिनों से जंगल आग में धधक रहे हैं, लेकिन कई वन कर्मियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। जिन वनकर्मियों को जानकारी है, वे भी फायर उपकरणों की सहायता से नहीं बल्कि पेड़ों की झाड़ियों से आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।
जंगल में आग लगने का ताजा मामला तेजगढ़ रेंज से सामने आया है। यहां जंगल जल रहा है और सर्किल ऑफिसर नेक नारायण खरे का कई दिनों से फोन बंद है। स्टाफ और रेंज को भी नहीं पता कि वे कहां हैं। इस स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए बीट गार्ड को भेजा गया, लेकिन उसके पास कोई उपकरण नहीं हैं, जिससे आग पर काबू पाया जा सके। ऐसे में वह झाड़ियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास करता रहा।
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उधर, आग काफी तेज़ी से फैल रही है। राहगीरों ने बताया कि तेजगढ़-झलोन मार्ग पर भीषण आग लगी थी, जिसमें सैकड़ों पेड़ झुलस गए। आग लगने की जानकारी तेजगढ़ रेंज कार्यालय को दी गई थी, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, केवल बीट गार्ड ही वहां पहुंचा। आग ज्यादा न फैले, इसके लिए बीट गार्ड ने झाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक सैकड़ों पेड़ आग की चपेट में आ चुके थे।
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वन क्षेत्र को भारी नुकसान
तेजगढ़ वन परिक्षेत्र की दक्षिण बीट में सोमवार दोपहर अचानक आग लग गई थी, जो मंगलवार को भी धधक रही है। राहगीरों की सूचना पर बीट गार्ड मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक कई एकड़ वन भूमि आग की चपेट में आ चुकी थी, जिससे बड़ी संख्या में पेड़ों को नुकसान हुआ। बीट गार्ड विनोद जैन ने बताया कि आग बिजली फॉल्ट के कारण लगी है, उसे बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।
यहां भी लगी है आग
दमोह वन मंडल अधिकारी ईश्वर जरांडे ने बताया कि वह सर्किल ऑफिसर का फोन बंद होने का कारण पता कर रहे हैं। यदि वे क्षेत्र से अनुपस्थित हैं, तो इसकी भी जांच की जाएगी। तेजगढ़ के अलावा रिचकुड़ी और हाथीडोल में भी जंगल में आग लगी हुई है।