{"_id":"6714ee2e9bd33fa2b40b6120","slug":"damoh-the-crocodile-came-out-of-the-river-and-reached-near-the-petrol-pump-forest-personnel-rescued-and-caught-it-damoh-news-c-1-1-noi1223-2234388-2024-10-20","type":"video","status":"publish","title_hn":"Damoh News: नदी से निकलकर पेट्रोल पंप के समीप पहुंचा मगरमच्छ, टॉर्च की रोशनी में एक दर्जन लोगों ने पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Damoh News: नदी से निकलकर पेट्रोल पंप के समीप पहुंचा मगरमच्छ, टॉर्च की रोशनी में एक दर्जन लोगों ने पकड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sun, 20 Oct 2024 05:40 PM IST
Link Copied
दमोह जिले के जबेरा क्षेत्र में आने वाले पूरेनहाऊ और टपरियों गांव के बीच पेट्रोल पंप के सामने शनिवार रात सात फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई देने के बाद लोगों के होश उड़ गए। मगरमच्छ की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई टीम मौके पर पहुंची और इस बार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर इसे पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया। तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
दमोह जिले में इस साल इतने अधिक मगरमच्छ दिखाई दिए हैं जितने लोगों ने आज तक नहीं देखे। जिले की सबसे बड़ी व्यारमा नदी इन मगरमच्छ की शरण स्थली बनी है यहां पर सैकड़ों की संख्या में मगर हैं जो इस साल बारिश में नदी से निकलकर तालाब व अन्य स्थानों पर पहुंच गए हैं जो अब रहवासी इलाकों की ओर जा रहे हैं। शनिवार की रात जो मगरमच्छ पकड़ा गया है। वह 15 दिन से इसी तरह सड़कों पर घूम रहा था।
दमोह-जबलपुर नेशनल हाईवे से लगे रहवासी क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से चहलकदमी करते विशालकाय मगरमच्छ ग्रामीणों को दिखाई दे रहा था। जबेरा के पूरेनहाऊ में दहशत का पर्याय बने मगरमच्छ को शनिवार-रविवार की दरमियानी रात्रि को वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ने में सफलता हासिल की। पांच घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान वन विभाग की टीम को सफलता मिली है।
इसके पहले कई बार वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन मगर वनकर्मियों के हाथ नहीं लगा था। शनिवार रात 11 बजे पेट्रोल पंप के सामने टपरियों गांव के बीच इलाके में मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना वन विभाग की टीम को मिली।
सिंगौरगढ़ रेंजर कुरैशी, गेम सुपरवाइजर हरलाल रैकवार ने ग्रामीणों की मदद से करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ का उसका रेस्क्यू किया। इस दौरान मगरमच्छ हमलावर भी हुआ, लेकिन मुश्किल से काबू में आया। इस दौरान वन कर्मियों और ग्रामीणों ने काफी हौसला दिखाया, क्योंकि बिना पर्याप्त संसाधन के मोबाइल टॉर्च एवं टोर्च की रोशनी और नसेनी, रस्सों की मदद करीब एक दर्जन लोगों ने मगरमच्छ का रेस्क्यू करते हुए ट्रैक्टर की ट्रॉली से रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के सिंगौरगढ़ जलाशय तक ले जाया गया। यहां से सुरक्षित जलाशय में छोड़ दिया गया
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।