डिंडोरी जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 80 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। बजाग थाना पुलिस की सतर्कता से एक अंतरराज्यीय तस्करी की कोशिश नाकाम हो गई। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस का मानना है कि यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि एक बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, बजाग थाना पुलिस नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस की नजर बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर पड़ी। वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक भागने लगा। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया। पकड़े गए युवक ने पूछताछ में अपना नाम अर्जुन पिता प्रदीप कुमार कुशवाहा (20 वर्ष) निवासी कुम्हारपुर, काशीगांव, कानपुर नगर तथा वर्तमान निवासी सेक्टर-63, गौतमबुद्ध नगर, नोएडा (उत्तर प्रदेश) बताया।
जब पुलिस ने मोटरसाइकिल पर रखी दो बोरियों की तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में गांजा मिला। वजन कराने पर करीब 80 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ परिवहन में इस्तेमाल की जा रही बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। बरामद गांजे की बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
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पूछताछ के दौरान आरोपी ने एक अहम खुलासा भी किया। उसने बताया कि उसके आगे सत्यम नाम का व्यक्ति दूसरी मोटरसाइकिल से पायलटिंग कर रहा था। जैसे ही उसे पुलिस की मौजूदगी का आभास हुआ, वह मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गांजे की यह खेप छत्तीसगढ़ के कोंडा गांव से उत्तर प्रदेश के नोएडा ले जाई जा रही थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तस्करी का यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा किसने उपलब्ध कराया, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
बजाग थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और राज सामने आ सकते हैं। डिंडोरी पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अवैध नशे के कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।