विदेश में अपनी पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल करने के बाद राजकुमारी अनन्या राजे सिंधिया ग्वालियर पहुंचीं। ग्वालियर लौटने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपनी कुलदेवी मांढरे की माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनकी मां प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया भी उनके साथ मौजूद रहीं।
मंदिर में विधि-विधान के साथ संपन्न हुई पूजा
जानकारी के मुताबिक, प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया अपनी बेटी अनन्या राजे सिंधिया को जयविलास पैलेस से अपने साथ लेकर मांढरे की माता मंदिर पहुंचीं। मंदिर पहुंचने पर पुरोहितों और पुजारी परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई गई। अनन्या राजे ने मंदिर में मांढरे की माता के दर्शन किए और परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की। विदेश में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ग्वालियर लौटने पर उनका सबसे पहले कुलदेवी के दरबार में पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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सिंधिया परिवार की कुलदेवी हैं मांढरे की माता
ग्वालियर के प्रसिद्ध मांढरे की माता मंदिर से सिंधिया परिवार की आस्था लंबे समय से जुड़ी हुई है। परिवार के सदस्य समय-समय पर यहां पहुंचकर माता के दर्शन और पूजा-अर्चना करते रहे हैं। ऐसे में विदेश से पढ़ाई पूरी करने के बाद अनन्या राजे का सबसे पहले कुलदेवी के मंदिर पहुंचना परिवार की धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान अनन्या राजे ने माता के सामने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। उनकी मंदिर यात्रा के दौरान पुजारी परिवार की ओर से भी उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। विदेश में पढ़ाई पूरी करने के बाद ग्वालियर लौटीं अनन्या राजे की यह पहली सार्वजनिक धार्मिक यात्रा रही, जिसमें वह अपनी मां प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया के साथ कुलदेवी के दरबार में पहुंचीं। सिंधिया परिवार की धार्मिक परंपराओं और ग्वालियर से उनके ऐतिहासिक जुड़ाव के बीच अनन्या राजे का मांढरे की माता मंदिर पहुंचना एक बार फिर परिवार की आस्था और परंपराओं को सामने लाता है।