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In Ujjain, the District Magistrate (DM) and Superintendent of Police (SP) offered liquor to Goddess Mahamaya a
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उज्जैन में डीएम-एसपी ने माता महामाया और महालया को लगाया मदिरा का भोग, पूरे शहर में की जा रही अनोखी पूजा
Video Desk Amar Ujala Published by: अंजलि देवी Updated Tue, 30 Sep 2025 02:14 PM IST
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शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर आज मंगलवार को सुख-समृद्धि के लिए नगर पूजा हुई। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सुबह 7.30 बजे चौबीस खंभा स्थित माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत की। इसके बाद शासकीय अधिकारी व कोटवारों का दल शहर के विभिन्न स्थानों में स्थित 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में ढोल ढमाकों के साथ रवाना हुए। इस दौरान नगर के करीब 27 किलो मीटर लंबे नगर पूजा मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जा रही है। साथ ही पूड़ी, भजिए, गेहूं व चने की घुघरी अर्पित की जाएगी। मान्यता है ऐसा करने से नगर में मौजूद अतृप्त आत्माएं तृप्त होती हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है।
धर्मधानी उज्जैन में नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है। कालांतर में राजा महाराजा इस परंपरा का निर्वहन करते आए हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरकार की ओर से नगर पूजा कराई जाती है। आज नगर पूजा का शुभारंभ चौबीस खंभा माता मंदिर से हुआ। मान्यता है कि यह प्राचीन उज्जैन का मुख्य द्वार है। इस द्वार के दोनों ओर माता महामाया व महालया विराजित है। इसीलिए आज सुबह सर्वप्रथम कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा ने यही से पूजन की शुरुआत की, इसके बाद शहर के अन्य देवी व भैरव मंदिरों में पूजा की जा रही है। मान्यता है कि देवी भैरव आदि अनादिकाल से इस नगर की सुरक्षा कर रहे हैं। उन्हीं के आशीर्वाद से प्रजाजन सुखी व संपन्न रहते हैं। देवताओं की कृपा सदा सर्वदा बनी रहे, इसलिए प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर राजा द्वारा देवी भैरव के पूजन की परंपरा है।
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