पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के परिदृश्य को आधार बनाकर जबलपुर के समदड़िया मॉल में बुधवार शाम एक मॉक ड्रिल (सुरक्षा अभ्यास) आयोजित की गई। इस ड्रिल के जरिए यह अभ्यास किया गया कि यदि वास्तविक आतंकी हमला होता है तो सुरक्षा एजेंसियां किस तरह से स्थिति को संभालेंगी।
मॉक ड्रिल की शुरुआत उस परिकल्पना से हुई, जिसमें बताया गया कि पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के जवाब में आतंकवादियों ने सिविक सेंटर स्थित मॉल को निशाना बनाया और वहां मौजूद नागरिकों व कर्मचारियों को बंधक बना लिया। ‘आतंकियों’ ने आधुनिक हथियारों से मॉल में अंधाधुंध फायरिंग करते हुए अफरातफरी का माहौल पैदा किया।
डायल 100 पर सूचना मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल हरकत में आई और घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस बल ने मॉल की लाइट काटते हुए सुनियोजित तरीके से अंदर घुसकर 'आतंकियों' को काबू किया। इस दौरान कुछ ‘आतंकियों’ को मार गिराया गया और कुछ को पकड़ लिया गया। ड्रिल में यह भी दर्शाया गया कि मॉल में आग लगने की स्थिति में नागरिकों को किस प्रकार सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
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जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि यह एक मॉक ड्रिल थी, जो सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी जांचने और नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से की गई। उन्होंने कहा कि ऐसी ड्रिल्स से आम नागरिकों को यह सीखने में मदद मिलती है कि आपात स्थिति में किस तरह संयम और सहयोग से काम लिया जाए। समदड़िया मॉल के अलावा गोहलपुर, सिहोरा और गोरखपुर थानों में भी इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की गई।