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Khandwa: ओंकारेश्वर डैम से किया जा रहा 10000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज, खुले हुए गेटों की संख्या बढ़कर की गई 18
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: खंडवा ब्यूरो Updated Thu, 12 Sep 2024 06:57 PM IST
मध्य प्रदेश में हो रही लगातार बारिश के बाद से ही यहां के नदी, तालाब के साथ ही बांधों में भी भरपूर पानी हो चुका है, जिसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से प्रदेश के कई बांधों से लगातार बड़ी मात्रा में पानी डिस्चार्ज भी किया जा रहा है। वहीं प्रदेश के खंडवा जिले की दो बड़ी बांध परियोजनाओं से भी इस मानसून सीजन में रिकॉर्ड तीसरी बार गेट खोलकर पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। बता दें कि, खंडवा जिले की इंदिरा सागर परियोजना के साथ ही ओम्कारेश्वर डैम के गेट बुधवार शाम से खोले गए थे, जो की गुरुवार भी लगातार खुले रहे। हालांकि गुरुवार को ओंकारेश्वर डेम के खुले हुए गेटों की संख्या बढ़ाई गई है ।
बुधवार को जहां प्रदेश की धार्मिक तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर स्थित ओंकारेश्वर डैम के 14 गेट खोले गए थे, तो वहीं गुरुवार को इन गेटों की संख्या बढ़कर 18 कर दी गई है। जिसके बाद से यहां से अब लगातार 18 गेटों के साथ ही टरबाइन के जरिये करीब 10000 क्युमेक्स से अधिक पानी नर्मदा नदी में डिस्चार्ज किया जा रहा है, जो की गुजरात की तरफ जा रहा है। बता दें कि, इंदिरा सागर बांध पुनासा के गेट खोलने एवं नर्मदा के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते ओंकारेश्वर बांध के खोले गए गेट की संख्या बढ़ाई गई है।
निचली बस्तीयों को कराया गया है खाली
वहीं इतनी अधिक मात्रा में डेम से पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद तीर्थ नगरी में बह रही नर्मदा नदी का जलस्तर भी सामान्य से करीब 50 फीट अधिक बढ़ गया है। जिसको लेकर जिला प्रशासन ने भी हाई अलर्ट जारी किया हुआ है। सुरक्षा की दृष्टि से नर्मदा नदी की निचली बस्तियों को खाली करा लिया गया है। वहीं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जिनमें जिला कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, टीआई, नायब तहसीलदार, पटवारी सहित कोटवार, पुलिस स्टाफ़, होमगार्ड स्टाफ़ भी नर्मदा नदी के तटो, और ओम्कारेश्वर, खेड़िघाट, में निगरानी बनाये हुए है।
साउंड सिस्टम के जरिए किया जा रहा अलर्ट
इधर फिलहाल नर्मदा के किनारो पर जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही अधिक जल स्तर बढ़ने की स्थिति में मोटक्का का पुराना पुल भी जल्द ही बन्द किया जा सकता है। वहीं परिक्रमा मार्ग का रास्ता, श्री ममलेश्वर मंदिर वहाया गौमुख घाट का रास्ता बन्द किया गया है। यही नहीं, जिला प्रशासन के द्वारा साउंड सिस्टम के जरिये नागरिकों को लगातार सचेत किया जा रहा है और बाढ़ से जुड़ी जानकारी का अपडेट भी दिया जा रहा है।
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