मध्यप्रदेश के खंडवा में मंगलवार को दिनभर चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद बुधवार को किसान पिता-पुत्र की जेल से रिहाई हो गई। रिहाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों किसानों का जोरदार स्वागत किया और उन्हें बग्गी में बैठाकर कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन ले जाया गया। यहां मीडिया के सामने हरदा से आए कांग्रेस विधायक और स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन और भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
दरअसल, मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में चल रही जनसुनवाई के दौरान हंगामा करने और अधिकारियों से अभद्रता के आरोप में किसान पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। देर शाम मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमानत की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
मामला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी तक पहुंचने के बाद उनके हस्तक्षेप से अधिकारी देर रात फिर कार्यालय पहुंचे और किसान पिता-पुत्र की जमानत मंजूर की गई। हालांकि देर रात होने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी और बुधवार को उन्हें जेल से रिहा किया गया।
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रिहाई के बाद खंडवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने किसानों का स्वागत किया। किसान रामनारायण मौजीलाल और उनके पुत्र श्याम रामनारायण ने बताया कि वे जनसुनवाई में अपने खेत तक पहुंचने के रास्ते की मांग लेकर गए थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीति गरमा गई। मंगलवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जमानत की मांग को लेकर कलेक्टर कक्ष के बाहर धरना दिया था। इसके बाद दोनों किसानों को एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी गई।
गांधी भवन पहुंचे हरदा के कांग्रेस विधायक आर.के. दोगने ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो सरकार खुद को किसानों की हितैषी बताती है, वही किसानों को न्याय मांगने पर जेल भेज रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे डरें नहीं, कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और उनकी हर लड़ाई लड़ेगी।