मुरैना जिले में तैनात एक आरक्षक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और बाद में दिए गए बयान से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरक्षक रूप सिंह रावत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उसने पुलिस अधीक्षक (SP) समीर सौरभ और उनकी पत्नी पर प्रताड़ना के आरोप लगाए। वीडियो में आरक्षक ने दावा किया कि उसे ड्यूटी के अलावा बंगले पर घरेलू काम जैसे झाड़ू-पोछा, बर्तन साफ करने के लिए मजबूर किया जाता है। उसने यह भी कहा कि किडनी में पथरी होने के बावजूद उसे इलाज के लिए छुट्टी नहीं दी गई।
हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। आरक्षक रूप सिंह अपने पिता के साथ पुलिस लाइन पहुंचा और लिखित माफी दी। उसने स्वीकार किया कि वीडियो उसने शराब के नशे में बनाया था और उसे केवल छुट्टी की आवश्यकता थी।
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पुलिस विभाग की ओर से रक्षित निरीक्षक रविकांत शुक्ला ने बताया कि आरक्षक पिछले आठ वर्षों से बंगले पर पदस्थ है और उसके द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोप निराधार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षक दो दिन से ड्यूटी से अनुपस्थित था और घर पर शराब पी रहा था। विभाग के अनुसार, आरक्षक की छुट्टी स्वीकृत कर दी गई है और मामले में विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, जहां एक ओर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरक्षक के बदलते बयान ने मामले को विवादित बना दिया है।