रायसेन-भोपाल मार्ग पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एनएच-146 पर रायसेन की ओर आ रहा एक ट्रक अचानक पलट गया। हादसे की वजह सड़क निर्माण के दौरान बनाया गया गलत डायवर्शन बताया जा रहा है। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ट्रक पलटने से कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।
बताया जा रहा है कि रायसेन से भोपाल के बीच सड़क निर्माण कार्य कर रही वीआरसी (VRC) कंपनी द्वारा दो दिन पहले हाईवे से रायसेन शहर को जोड़ने वाले मार्ग पर नया डायवर्शन बनाया गया था। इस डायवर्शन पर न तो किसी तरह के चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे और न ही संकेतक या बैरिकेड्स की उचित व्यवस्था की गई थी। इसी लापरवाही के कारण ट्रक चालक को समय रहते डायवर्शन का अंदाजा नहीं लग सका और वाहन असंतुलित होकर पलट गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डायवर्शन बनने के बाद से ही वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि सड़क पर कहीं भी रिफ्लेक्टिव पट्टी या संकेतक नहीं लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन पहले ही इस स्थान को डेंजर एक्सीडेंट जोन घोषित कर चुका है, इसके बावजूद निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों ने आवश्यक सावधानियां नहीं बरतीं।
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इस हादसे के बाद सड़क निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। साथ ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों की निगरानी और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित संकेतक और सुरक्षा इंतजाम किए जाते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
संयोग से आज ही मध्यप्रदेश में निर्माणाधीन 10 नेशनल हाईवे की समीक्षा परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा की जानी है। ऐसे में रायसेन–भोपाल एनएच-146 पर हुई यह घटना सड़क निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही को उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डायवर्शन को सुरक्षित बनाया जाए और जिम्मेदार एजेंसी पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।