सागर जिले की रहली तहसील में एक किसान को नरवाई जलाना भारी पड़ गया। तहसीलदार राजेश पाण्डेय ने उक्त किसान के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पहली बार इस प्रकार के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई प्रशासन की तरफ से किसानों को चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।
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बुंदेलखंड अंचल में रबी की फसल की कटाई के बाद अधिकांश किसान खेतों में बची हुई नरवाई (फसल के डंठल) में आग लगा देते हैं। यह न केवल पर्यावरण प्रदूषण को बढ़ाता है, बल्कि कई बार आगजनी की घटनाओं को भी जन्म देता है। प्रशासन द्वारा नरवाई जलाने पर पाबंदी लगाए जाने के बावजूद कई किसान नियमों की अनदेखी करते हैं।
जानकारी के अनुसार, रहली तहसील के ग्राम जूना निवासी रामअवतार पिता प्रभु कुर्मी ने हाल ही में अपने खेत में नरवाई जलाने के लिए आग लगा दी थी। इस आग से पास के खेतों में खड़ी लगभग 20 एकड़ फसल जलकर नष्ट हो गई। साथ ही खेत में रखे लगभग 150 पीवीसी पाइप, भूसा और एक टपरिया भी आग की चपेट में आकर खाक हो गए।
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प्रभावित किसानों की शिकायत के आधार पर तहसीलदार ने मौके पर जाकर मामले की जांच की और दोषी किसान की पहचान की। इसके बाद रहली थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। यह पहला मौका है जब किसी किसान पर नरवाई जलाने के मामले में इतनी सख्त कार्रवाई की गई है।