सीहोर के गांव पिपलिया मीरा में रविवार-सोमवार की देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पुरानी मैदा मिल अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते लपटों ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। चीख-पुकार, धुएं के गुबार और आग की ऊंची लपटों ने पूरे इलाके को दहला दिया। ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई।
बताया जा रहा है कि जिस पुरानी मैदा मिल में आग लगी, वहां वर्तमान में पनीर फैक्ट्री का गोदाम संचालित हो रहा था। इसी परिसर के समीप किसान प्रेम सिंह मेवाड़ा का मकान और कृषि सामग्री रखी हुई थी। आग ने दोनों स्थानों को एक साथ अपनी गिरफ्त में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर खड़ा ऑटो कुछ ही मिनटों में जलकर पूरी तरह राख हो गया। वहीं खेतों में उपयोग होने वाले कई महंगे कृषि उपकरण भी आग की चपेट में आ गए। ट्रैक्टर का अल्टरनेटर, कल्टीवेटर, मशीनरी और अन्य कृषि सामग्री धू-धू कर जलती रही।
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर मौजूद लोग आग के करीब तक नहीं जा पा रहे थे। ग्रामीण बाल्टियों और पाइपों से पानी डालते रहे, लेकिन आग लगातार विकराल होती गई।
पांच घंटे में काबू में आई आग
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पांच घंटों तक मशक्कत की। आग पर काबू पाने के लिए लगातार पानी की बौछार की गई। देर रात चली इस कार्रवाई के बाद आखिरकार आग को फैलने से रोक लिया गया। मिल के पास निवास करने वाले प्रेम मेवाड़ा ने बताया कि रात को 10:30 बजे अचानक नींद खुलने पर मैदा मिल और उनके कृषि उपकरणों पर आग लगते हुए देखा था। इसके बाद सूचना दी गई। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आसपास के मकानों और खेतों तक भी आग पहुंच सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
मेरी जिंदगी की कमाई जल गई- किसान
आगजनी में सबसे ज्यादा नुकसान किसान प्रेम सिंह पिता देवी सिंह मेवाड़ा को हुआ है। पीड़ित किसान ने बताया कि रात करीब 11 से 12 बजे के बीच अचानक भीषण आग भड़क उठी। जब तक वह कुछ समझ पाते, तब तक आग ने उनके कृषि यंत्रों और वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। किसान प्रेम सिंह ने बताया कि उनके फोर व्हीलर वाहन, ट्रैक्टर के उपकरण, कल्टीवेटर और खेती में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री पूरी तरह जल चुकी है। उनका कहना है कि इस हादसे में करीब 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।पीड़ित किसान ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग करते हुए कहा कि वह एक छोटा किसान है और इतनी बड़ी क्षति के बाद परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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सरकार से मांगी राहत
घटना के बाद किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने राज्य सरकार, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और राजस्व विभाग से पीड़ित किसान को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि आगजनी ने किसान प्रेम सिंह को पूरी तरह तोड़ दिया है और सरकार को तत्काल राहत पैकेज जारी करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आगजनी की उच्चस्तरीय जांच कराने और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग भी की।
शॉर्ट सर्किट या साजिश? जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस और प्रशासनिक टीम घटनास्थल की जांच कर रही है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, लेकिन पुलिस अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही है। प्रशासन ने नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। वहीं ग्रामीणों में घटना के बाद भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इलाके में चर्चा है कि यदि आग कुछ देर और बेकाबू रहती, तो पूरा गांव बड़ी त्रासदी का शिकार हो सकता था।
पिपलिया मीरा में भीषण आग से तबाही- फोटो : credit