सीहोर जिले में भूतड़ी अमावस्या के मौके पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। नर्मदा के घाटों पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। आधी रात से ही लोग स्नान के लिए पहुंचने लगे थे और सुबह तक हर घाट “नर्मदे हर” के जयघोष से गूंजता रहा। बुधनी, आंवलीघाट और नीलकंठ सहित प्रमुख तटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। बुधवार शाम तक एक लाख से अधिक भक्त मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगा चुके थे।
इस बार भूतड़ी अमावस्या का असर पहले से ही दिखने लगा था। दो दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया था। रात 12 बजे से स्नान का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार जारी रहा। खास बात यह रही कि दो अमावस्या होने के कारण अगले दिन भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। आंवलीघाट इस बार आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा। यहां भूतड़ी अमावस्या के पारंपरिक “भूतों के मेले” ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। मान्यता के अनुसार, बाहरी बाधाओं से ग्रसित लोग यहां स्नान कर राहत की कामना करते हैं। ढोल-नगाड़ों, मंजीरों और भजन-कीर्तन के बीच पूरी रात घाट पर धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। बरखेड़ी के संतोष त्यागी ने बताया कि वह हर साल भूतड़ी अमावस्या पर स्नान करने पहुंचते हैं। मां नर्मदा में स्नान से आत्मिक शांति मिलती है।
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सुरक्षा के सख्त इंतजाम, 350 से ज्यादा जवान तैनात
भीड़ के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। 350 से अधिक पुलिसकर्मी, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल और एसडीआरएफ की टीमें घाटों पर तैनात रहीं। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए मोबाइल पेट्रोलिंग और कंट्रोल रूम सक्रिय रखा गया। घाटों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी तक ही स्नान की अनुमति दी गई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते सभी पार्किंग स्थल पहले ही भर गए। मछुवारा भवन के पास 35 एकड़ में बनाई गई पार्किंग सहित कई स्थानों पर व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन वाहनों की लंबी कतारें लगातार बनी रहीं। प्रशासन ने ट्रैफिक प्लान को री-डिजाइन कर आंवलीघाट आने-जाने के लिए अलग-अलग रूट तय किए, जिससे यातायात सुचारू बना रहे।
पंचकोशी यात्रा अंतिम चरण में, स्नान से पूर्ण होगी यात्रा
एकादशी से शुरू हुई पंचकोशी यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। 18 और 19 मार्च को श्रद्धालु नर्मदा स्नान कर अपनी यात्रा पूर्ण करेंगे। इसके बाद सलकनपुर पहुंचकर मां बिजासन के दर्शन के साथ यह धार्मिक यात्रा संपन्न होगी। नर्मदा स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु सलकनपुर स्थित मां बिजासन धाम पहुंचे। यहां भक्तों ने मातारानी के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। नवरात्रि से पहले दर्शन का विशेष महत्व होने के कारण मंदिर परिसर में भी भारी भीड़ देखी गई।
प्रशासन अलर्ट, अफसरों ने संभाली कमान
एसपी दीपक कुमार शुक्ला और एएसपी सुनीता रावत ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने महिला और बच्चों की सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और घाटों पर निगरानी को लेकर सख्त निर्देश दिए। गोताखोरों और सुरक्षा बलों को लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए। भूतड़ी अमावस्या के साथ ही 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। सलकनपुर में पहले से ही श्रद्धालुओं का आगमन तेज हो गया है। सलकनपुर मंदिर पुजारी प्रमोद उपाध्याय ने बताया कि मंदिर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और भक्तों के दर्शन का सिलसिला लगातार जारी है।

घाटों पर उमड़े लोग

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