शाजापुर में हर दिन कार से न्यायालय पहुंचने वाले प्रधान जिला न्यायाधीश साइकिल पर सवार होकर न्यायालय पहुंचे। यह नजारा देखकर न्यायालय परिसर में मौजूद अभिभाषक, न्यायालयीन कर्मचारी व अन्य लोग दंग रह गए। सभी ने प्रधान जिला न्यायाधीश की सरलता और स्वास्थ्य व पर्यावरण संरक्षण के प्रति रूचि की सराहना की। न्यायाधीश के इस कदम से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।
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दरअसल विश्व साइकिल दिवस पर प्रधान जिला न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना शरीर के लिए फायदेमंद है। यह दिवस साइकल के महत्व को दर्शाता है। साइकिल सस्ता, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल यातायात का साधन है। न्यायाधीश तिवारी ने कहा कि साइकिल मानव ऊर्जा को गतिशीलता में बदलने का सबसे कुशल माध्यम है। यह एक सरल, किफायती और विश्वसनीय परिवहन का साधन है। साइकिल का उपयोग न केवल परिवहन के लिए, बल्कि मनोरंजन और खेल के लिए भी किया जाता है।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे प्रधान न्यायाधीश से प्रेरणा लेकर साइकिल से कार्यालय आएं। इस पहल से साइकिल को टिकाऊ परिवहन साधन के रूप में बढ़ावा मिलेगा। शहर में जागरूक लोगों ने साइकिल क्लब भी बनाया है। यह लोग नियमित साइकिल पर सवारी करते हैं। खास बात यह है कि क्लब से जुड़े लोग अन्य लोगों को भी साइकिल की सवारी के फायदे बताकर साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हैं। लोगों को बताते हैं कि साइकिल चलाना स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण के लिए भी काफी लाभ दायक है। वर्तमान की व्यस्त दिनचर्या में थोड़ा समय निकालकर साइकिल की सवारी जरूर करनी चाहिए। यह शरीर के लिए बहुत अच्छा व्यायाम है।