सीधी जिला पंचायत की सामान्य सभा एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक शुक्रवार को उस समय गरमा गई, जब जिला पंचायत सदस्य खड़ौरा के कृष्ण लाल पयासी ने शिक्षा विभाग पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने खुलकर कहा कि जब सदस्यों ने विद्यालयों के मेंटेनेंस से जुड़ी गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया, तब जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित प्राचार्यों से मिलकर मेंटेनेंस की राशि हड़प ली।
'शिक्षा विभाग में लगातार हो रहा भ्रष्टाचार'
कृष्ण लाल पयासी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई एक बार की घटना नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग में लगातार इसी तरह का भ्रष्टाचार हो रहा है और इसकी कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने बताया कि जिले के कई विद्यालयों में मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत में स्कूलों की हालत बदहाल है। कई स्कूलों में आज भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
अन्य सदस्यों ने भी किया समर्थन
बैठक में मौजूद अन्य जिला पंचायत सदस्यों ने भी इस मुद्दे का समर्थन करते हुए नाराजगी जताई और जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह द्वारा दी जा रही जानकारी को गोलमोल और असंतोषजनक बताया। सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
विद्यालय भवनों की पुनः स्वीकृति का मुद्दा भी उठा
इस दौरान ग्राम जमुना नंबर 1 और ग्राम सिकरा के विद्यालय भवनों की पुनः स्वीकृति का मुद्दा भी उठाया गया। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन, अवकाश, गुरुजी पद के संविलियन और अनुकंपा नियुक्ति जैसे लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई।
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व्यवस्था सुधारने के निर्देश
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमान सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने पूरे प्रकरण की जांच कर तत्काल कार्रवाई करने की बात कही और बैठक में शांति बनाए रखने की अपील की।