उत्तरप्रदेश के कानपुर से शुरू हुआ आई लव मोहम्मद पोस्टर अब मप्र के उज्जैन तक पहुंच गया है। गौरतलब है कि कानपुर में पोस्टर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और प्रदर्शनों के बाद कई राज्यों में हिंसक झड़पें भी हुईं। अब यह मामला सिर्फ कानपुर और उन्नाव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूपी के भदोही और शाहजहांपुर, उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर और महाराष्ट्र के ठाणे और उज्जैन तक फैल गया है।
शहर के ईदगाह के पास कब्रिस्तान के गेट पर आई लव मोहम्मद पोस्टर दिखाई दिए। चिमनगंज थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें हटवा दिया। पुलिस ने कहा कि उनकी प्राथमिकता शहर के शांतिपूर्ण माहौल को बनाए रखना है, ताकि किसी भी तरह की धार्मिक भावनाएं आहत न हों और कोई विवाद न फैले।
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इसी बीच नवरंग डांडिया गरबा महोत्सव में आयोजकों ने आई लव महाकाल के पोस्टर लगाए। बीते कुछ दिनों से चल रहे आई लव मोहम्मद पोस्टर के विरोध में यह कदम उठाया गया। गरबा में भाग लेने वाले 5,000 से अधिक लोगों ने एक साथ बाबा महाकाल के जयकारे लगाए, जिससे पूरा पंडाल आई लव महाकाल की गूंज से भर गया।
आयोजकों ने बताया कि यह महाकाल के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करने का तरीका है। जैसे ही डांडिया की धुन शुरू हुई, पूरा पंडाल जय महाकाल के नारों से गूंज उठा। लोगों ने कहा कि अगर नगर निगम शहरों के नाम से बैनर लगा सकता है, तो वे अपने आराध्य देव के लिए आई लव महाकाल का बैनर क्यों नहीं लगा सकते। भक्ति गीतों और देशभक्ति के गानों पर थिरकते हुए हजारों लोगों ने इस गरबा महोत्सव में भक्ति और धार्मिक गौरव का संगम देखा।