उज्जैन के पंचमपुरा क्षेत्र में मंदिर विस्थापन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। सड़क चौड़ीकरण के काम के बीच दो पक्षों के बीच शुरू हुई बहस पथराव में बदल गई, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए।
बता दें, नगर निगम का पंचमपुरा इलाके में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत मंदिर और आसपास के अतिक्रमण को हटाने की तैयारी थी। कुछ स्थानीय रहवासियों ने इस कार्रवाई के लिए सहमति दे दी थी, लेकिन कॉलोनी के ही एक परिवार ने इसका विरोध किया, क्योंकि उनका मकान भी इस दायरे में आ रहे था।
विरोध कर रहे परिवार ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मौके पर बुला लिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान वे रहवासी भी मौके पर पहुंच गए, जो पहले ही मंदिर विस्थापन के पक्ष में थे। दोनों पक्ष आमने-सामने आए और पहले कहासुनी हुई, जो धीरे-धीरे तीखी नोकझोंक में बदल गई।
देखते ही देखते दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख नगर निगम की टीम को कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया, जिसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका। इस दौरान पथराव में सब-इंस्पेक्टर अंकित बनोध घायल हो गए, जिनका उपचार जारी है।
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सीएसपी दीपिका शिंदे का बयान
वहीं, मामले में सीएसपी दीपिका शिंदे ने कहा कि टीम ने स्थिति को नियंत्रित किया है। घटना में एक सब-इंस्पेक्टर को चोट आई है, जिनका इलाज किया जा रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय पार्षद ने जताई आपत्ति
वार्ड 45 के पार्षद गब्बर कुंवाल ने कहा कि मंदिर को हटाने का कार्य पूरी तरह से स्थानीय रहवासियों की सहमति और सहयोग से किया गया था। मूर्तियां सम्मानपूर्वक नए स्थान पर विराजित की जा चुकी हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि जब क्षेत्र के लोगों को कोई आपत्ति नहीं थी, तो बाहर से आए लोगों ने इस मुद्दे पर विवाद क्यों पैदा किया?