धार्मिक नगरी उज्जैन से हमारा सदियों पुराना नाता रहा है। सूर्य मंदिर के पास हमारा आवास था और हम प्रतिदिन बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आया करते थे। इस मंदिर से हमारी गहरी आस्था और जुड़ाव है। आज भी हम समय-समय पर यहां आते रहते हैं। बाबा महाकाल का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहता है। सुख हो या दुख, वे सदैव हमारी रक्षा करते हैं।
यह बात वसुंधरा राजे ने ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोग बाबा महाकाल में गहरी श्रद्धा रखते हैं और बड़ी संख्या में यहां दर्शन के लिए आते हैं। पुजारी परिवार से भी हमारा पारिवारिक संबंध रहा है।
पढे़ं: 490 किलो वजन उठाकर मुशीर शेख ने रचा इतिहास, इंदौर में गूंजा बुरहानपुर का नाम; एमपी में दूसरा स्थान
सरकार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास की परिकल्पना की थी। उसी का परिणाम है कि आज मंदिर भव्य और दिव्य स्वरूप में नजर आता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अब किसी प्रकार की अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ता।
मीडिया से चर्चा से पूर्व वसुंधरा राजे ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। इसके बाद भगवान श्री वीरभद्र जी तथा श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह में निकलने वाले ध्वज का विधिवत पूजन किया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल एवं सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी ने उनका स्वागत एवं सत्कार किया।