मध्यप्रदेश में विदिशा जिले के लिए रविवार का दिन हादसों भरा रहा है। जहां एक ही नदी के अलग-अलग घाटी पर पांच लोगों के डूबने का मामला सामने आया है। डूबे हुए लोगों के शव को बचाव दल ने तलाश करके बाहर निकाल लिया है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार को विदिशा से निकलने वाली बेतवा नदी में हुए तीन अलग-अलग घटनाक्रम में नदी पांच लोगों का भोग ले गई, जिसमें पहला घटनाक्रम बेतवा नदी के बंगला घाट का है, जहां नहाने के लिए पहुंचे एक युवक और एक किशोर पानी में डूब गए, जिनका नाम अंकित और कृष्णा अहिरवार बताया जा रहा है। बचाव दल डूबे हुए इन युवा और किशोर को तलाश कर रहा था कि देर शाम को एक और दूसरे घटनाक्रम की सूचना उन्हें मिली, जिसमें बताया गया है कि बेतवा नदी के तट पर रंगाई मंदिर के पीछे वाले घाट पर नहाने के लिए पहुंचे लोगों में से दो और लोग डूब गए है। वहीं, तीसरा घटनाक्रम विदिशा जिले के गंजबासोदा में बेतवा नदी के बर्री घाट का बताया जा रहा, जिसमें पुल पर से गिरने के कारण एक 24 वर्षीय युवक राघवेंद्र भी डूबा था। अब तक बचाव दल की टीम डूबे हुए लोगों के शवों को सोमवार सुबह तक बाहर निकाल चुकी है, जिन्हें पीएम के पश्चात परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
गौरतलब है कि विदिशा जिले से निकलने वाले बेतवा नदी के पानी में डूबने का यह कोई नया या पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व में भी कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिस कारण बेतवा नदी के अलग-अलग घाटों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। लेकिन उसके बावजूद भी लोग वहां नहाने के लिए पहुंचते हैं और हादसे का शिकार होते हैं। जैसा की रविवार को देखने को मिला है, जिसमें नदी के अलग-अलग घाटों पर नहाने के लिए पहुंचने वाले चारा लोगों की मौत हो गई और एक पुल पर गिरने के कारण काल के गाल में समा गया। मृतकों के शव को बचाव दल ने बाहर निकाल लिया है और पीएम के पश्चात परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
वहीं, सोमवार को मीडिया को सभी मामलों की जानकारी देते हुए sderf टीम विदिशा जिले के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट मयंक जैन ने बताया कि कल तक अंधेरा हो जाने के कारण हमें सफलता भी मिली थी। लेकिन सोमवार सुबह से हमने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और एक के बाद एक हमने पांचों शवो को बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।