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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने तेजा सिंह समुद्री हॉल में मझा क्षेत्र के प्रचारकों, ढाडियों और कविशरों के साथ विशेष बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य 31 मई को बाबा बकाला साहिब की पवित्र धरती पर आयोजित होने वाले महान पंथक सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा करना और संगतों तक सम्मेलन का संदेश पहुंचाना था।
एडवोकेट धामी ने बताया कि आज अमृतवेले आजाद भारत के बड़े साके “साका पांवटा साहिब” के शहीदों की याद में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए और अरदास की गई। इस अवसर पर हरियां वेलां जत्थेबंदी के प्रमुख संत बाबा निहाल सिंह ने भी विशेष रूप से हाजिरी लगाई।
बेअदबी के मुद्दे पर बोलते हुए एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि कमेटी हमेशा बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि इस कानून में न्यूनतम उम्रकैद और अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दुर्भाग्य से सरकार अब तक कानून को पंजाबी भाषा में प्रकाशित कर लोगों तक नहीं पहुंचा सकी है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी इस संबंध में लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रही है।
बैठक के दौरान सचिव बलविंदर सिंह काहलवां, गुरिंदर सिंह मथरेवाल और अन्य प्रचारकों को सम्मेलन की सफलता के लिए विशेष दिशा-निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान अमेरिका के एक गुरुद्वारा साहिब में पुलिस अधिकारी द्वारा जूतों सहित अंदर प्रवेश करने की वायरल वीडियो पर चिंता व्यक्त करते हुए एडवोकेट धामी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और मर्यादा के खिलाफ घटना है। उन्होंने सिख संगतों और स्थानीय कमेटियों से अपील की कि आपसी विवादों के कारण पुलिस को गुरु घर के अंदर आने का मौका न दिया जाए।
उन्होंने विदेशों में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों से स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर गुरु घर की मर्यादा, जैसे सिर ढकना और जूते उतारना, के बारे में जागरूक करने की भी अपील की।
अंत में उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से अपील की कि विदेशों से आने वाले मर्यादा से जुड़े गंभीर मामलों पर पूरी गंभीरता से विचार कर निर्णय लिए जाएं, ताकि प्रबंधकों के सामने किसी प्रकार की दुविधा पैदा न हो।
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