Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Sonipat News
›
Punjabi community has split into two factions over the 'Panchnad Punjabi Gate' issue, with memorandums reaching even the Chief Minister.
{"_id":"6a1120e59c5ab52b7f0a7407","slug":"video-punjabi-community-has-split-into-two-factions-over-the-panchnad-punjabi-gate-issue-with-memorandums-reaching-even-the-chief-minister-2026-05-23","type":"video","status":"publish","title_hn":"पंचनद पंजाबी द्वार को लेकर पंजाबी समाज दो धड़ों में बंटा, मुख्यमंत्री तक पहुंच रहे ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचनद पंजाबी द्वार को लेकर पंजाबी समाज दो धड़ों में बंटा, मुख्यमंत्री तक पहुंच रहे ज्ञापन
भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की याद में गोहाना में बनाए जा रहे पंचनद पंजाबी द्वार को लेकर अब विवाद गहरा गया है। एकजुट दिखने वाला पंजाबी समाज अब दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है। मामला इतना बढ़ गया है कि दोनों पक्ष एक-एक कर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज रहे हैं।
नगर परिषद के खर्च से बनाए जा रहे पंचनद पंजाबी द्वार का निर्माण कार्य शहर की समता चौकी के पास शुरू किया गया था। यहां दोनों तरफ पिलर भी खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन इसी स्थान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक पक्ष का कहना है कि यह जगह पहले से ही काफी भीड़भाड़ वाली है। करीब 500 मीटर के दायरे में शहीद चौक, महावीर चौक, देवीलाल चौक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, देवीलाल स्टेडियम, पुलिस चौकी और एक बड़ा निजी विद्यालय मौजूद है। ऐसे में पंचनद पंजाबी द्वार की अलग पहचान नहीं बन पाएगी।
विरोध कर रहे पक्ष ने मांग उठाई है कि यह द्वार शहर के मुख्य मार्ग पर खुले स्थान में और शहर के प्रवेश द्वार के पास बनाया जाए, ताकि इसकी ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके। इस पक्ष के साथ कई दुकानदार भी जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
वहीं दूसरा पक्ष शहर के बीचोंबीच ही पंचनद पंजाबी द्वार बनाए जाने के पक्ष में है। उनका कहना है कि शहर के केंद्र में बनने से लोगों को विभाजन के समय शहीद हुए लोगों की याद हमेशा बनी रहेगी और यह स्थान अधिक लोगों की नजर में रहेगा।
शहर के बीच निर्माण की नींव भरने के बाद विवाद और गहरा गया, जिसके चलते फिलहाल निर्माण कार्य रुक गया है। अब मामला सामाजिक और राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ प्रशासन और सरकार तक बात पहुंचाने में जुटे हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।