भीषण गर्मी और लगातार गहराते जल संकट ने शुक्रवार को इमलाई क्षेत्र में लोगों का गुस्सा सड़कों पर ला दिया। सुबह करीब 10 बजे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने खाली कुप्पे और बर्तन हाथों में लेकर हटा-दमोह पथरिया बायपास मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच पानी का टैंकर खड़ा कर यातायात रोक दिया, जिससे दोनों ओर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इमलाई को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने के बावजूद यहां आज तक मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंचीं। लोगों का कहना था कि उनसे टैक्स और अन्य शुल्क तो वसूले जा रहे हैं, लेकिन पीने के पानी, सड़क और बिजली जैसी सुविधाएं नहीं दी जा रहीं।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने सड़क पर खाली कुप्पे रखकर नारेबाजी की। लोगों ने बताया कि गांव के अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं, तालाब और कुएं सूख चुके हैं और पानी की सप्लाई भी बेहद कम प्रेशर से केवल 10 मिनट के लिए होती है। हालत यह है कि तसला लगाकर पानी भरना पड़ता है और चार कुप्पे तक नहीं भर पाते।
ये भी पढ़ें: MP: प्रदेश में समान नागरिक संहिता पर कवायद तेज, जिलों में जाकर जन परामर्श लेगी समिति, ऑनलाइन भी दे सकेंगे राय
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रदर्शन शुरू होने के करीब एक घंटे तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज लोगों ने सड़क पर ही टेंट गाड़कर धरना शुरू कर दिया। कड़ी धूप में महिलाएं और बच्चे सड़क पर बैठे रहे। इसी बीच प्रदर्शन और जाम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते रहे।
करीब दो घंटे बाद तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी और नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मांग रखी कि गांव को पानी की टंकी से स्थायी नल कनेक्शन देकर नियमित सप्लाई शुरू की जाए। अधिकारियों ने तत्काल तकनीकी समस्या बताई, जिसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
करीब पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों ने हर दिन 10 टैंकर पानी भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने टेंट हटाकर जाम समाप्त किया। हालांकि लोगों ने चेतावनी दी कि यदि स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।