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सेना के लांस नायक मुकेश कुमार पूरे सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन
सिरमाैर जिले के पांवटा साहिब स्थित टोका नंगला गांव में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब देश की सेवा में तैनात 30 वर्षीय वीर सैनिक लांस नायक मुकेश कुमार का आकस्मिक निधन हो गया। छुट्टी पर घर आए मुकेश कुमार की खेतों में काम करते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार को उनके पैतृक गांव टोका नंगला में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। यहां सैकड़ों नम आंखों ने जवान को अंतिम विदाई दी।
पोस्टमार्टम के बाद जब लांस नायक मुकेश कुमार का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। आज सुबह सैन्य टुकड़ी और भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा-शिलाई क्षेत्र ने पांवटा साहिब में उनके पार्थिव शरीर की अगवानी की और मुकेश अमर रहे के गगनभेदी जयघोष के साथ पुष्पांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब के बीच, उनके छोटे भाई मंजीत ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। सेना की टुकड़ी ने हवाई फायर कर अपने बहादुर साथी को आखिरी सलामी दी। इस बेहद गमगीन मौके पर मुकेश की सैन्य बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एच. नायर, उप कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल संजय, सूबेदार मेजर, नायब सूबेदार अनिल व देवेंद्र सिंह सहित कई जवान मौजूद रहे। इसके अलावा प्रशासन की ओर से एसडीएम द्विज गोयल, तहसीलदार पांवटा साहिब और भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष करनैल सिंह सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया और वीर सैनिक को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भूतपूर्व सैनिक संगठन ने इस घटना को परिवार और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। वीर सैनिक मुकेश कुमार का जन्म 25 जून 1996 को पिता उजागर सिंह और माता राजबाला के घर हुआ था। बचपन से ही पराक्रमी और खेल प्रेमी रहे मुकेश 26 जून 2015 को भारतीय सेना की 15 आर्टिलरी रेजिमेंट (फील्ड) में भर्ती हुए थे और वर्तमान में देहरादून में अपनी सेवाएं दे रहे थे। मुकेश कुमार के निधन से दो फौजी भाइयों की जोड़ी भी टूट गई है; उनका छोटा भाई मंजीत भी भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहा है। माता-पिता अपने होनहार बेटे के सिर पर सेहरा सजाने के सपने देख रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
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