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Sikh organizations submit a memorandum to Sri Akal Takht, demanding strict action to prevent sacrilege of Gurbani.
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श्री अकाल तख्त पर सिख संगठनों का ज्ञापन, गुरबाणी की बेअदबी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग
विभिन्न सिख जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में एक मांग पत्र सौंपकर गुरबाणी की बेअदबी से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए। संगठनों ने पंथक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जत्थेबंदियों ने आरोप लगाया कि श्री अकाल तख्त साहिब के नजदीक स्थित निजी प्रिंटिंग प्रेसों, जिनमें चतर सिंह–जीवन सिंह प्रेस शामिल है, द्वारा लंबे समय से गुरबाणी का निरादर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट हुक्मनामों के बावजूद इन प्रेसों में पवित्र पोथियों और गुटका साहिब की छपाई जारी है। हाल ही में ईस्ट मोहन नगर स्थित एक प्रेस में छपाई के दौरान शराब की बोतलें मिलने और गुटका साहिब को मशीनों के नीचे रखने जैसी घटनाएं सामने आईं, जिस पर प्रशासन ने मामला भी दर्ज किया है।
नेताओं ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि जब सिख जत्थेबंदियां इंसाफ के लिए मोर्चा लगाती हैं, तब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रशासन के सहयोग से प्रदर्शनकारियों पर सख्ती करवाती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि रामसर स्थित प्रेस को ऐसे लोगों को ठेके पर दिया गया है, जो गुरु साहिब के सम्मान की परवाह नहीं करते।
मांग पत्र में बाबा दीप सिंह जी के जन्म दिवस पर केक काटने की बढ़ती परंपरा पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही गांवों में चल रहे पाखंडी डेरों और गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्र पोथियों को ‘बिल्टी’ के रूप में भेजने की प्रथा पर भी कड़ा विरोध जताया गया।
जत्थेबंदियों ने अकाली दल के नेताओं पर भी निशाना साधते हुए धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक सम्मेलनों पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने जत्थेदार साहिब से इन मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की, अन्यथा संगत द्वारा आगे की रणनीति तय करने की चेतावनी दी।
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