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Dispute over mining escalates in Maddepur during the rainy season; villagers level serious allegations against the company
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बरसाती मौसम में माइनिंग को लेकर मद्देपुर में बढ़ा विवाद, ग्रामीणों ने कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
गांव मद्देपुर में कथित गैर-कानूनी रेत माइनिंग को लेकर ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने एक निजी कंपनी पर नियमों की अनदेखी कर माइनिंग कराने की कोशिश का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, जल संसाधन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि इससे पहले गांव मीओवाल, माओ साहिब और संगोवाल (तहसील फिल्लौर) में आवंटित डीसिल्टिंग साइटों पर भी संबंधित कंपनी द्वारा कथित रूप से नियमों का उल्लंघन किया गया था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रोक के बावजूद कथित तौर पर गैर-कानूनी माइनिंग जारी रही।
इधर ग्राम पंचायत मद्देपुर ने भी बरसाती मौसम का हवाला देते हुए तीन माह तक माइनिंग कार्य बंद रखने का प्रस्ताव पारित कर संबंधित विभाग को भेज दिया है। कुल हिंद खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव बलजीत सिंह ने बताया कि सरपंच परमजीत कौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंचायत ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि अगले तीन महीने गांव में माइनिंग नहीं होने दी जाएगी। इसी मांग को लेकर मंगलवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देने का भी ऐलान किया गया है।
धरने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की बात सुनने के बाद उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायत का जल्द समाधान कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से जमीन मालिकों पर दबाव बनाकर गांव में गैर-कानूनी माइनिंग कराने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि एनजीटी के निर्देशों के अनुसार नदी से निकाले गए मटेरियल का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता। विभागीय आदेशों में भी स्पष्ट है कि डीसिल्टिंग से निकला मटेरियल नदी से बाहर नहीं ले जाया जाएगा और उसका उपयोग केवल नदी के तटबंधों को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है।
ग्रामीणों और पंचायत ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच, कथित गैर-कानूनी माइनिंग पर तत्काल रोक, दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कुल हिंद खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव बलजीत सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार बरसात के मौसम में रेत खनन पर रोक है, लेकिन इसके बावजूद रेत माफिया प्रशासन और पुलिस की कथित मिलीभगत से अवैध खनन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत द्वारा विरोध में प्रस्ताव पारित किए जाने के बावजूद प्रशासन और पुलिस पंचायत की आपत्तियों को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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