राजस्थान के अलवर जिले में कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित मिनी सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था और बिजली संकट जैसे मुद्दों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। इस आंदोलन का नेतृत्व अलवर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष योगेश मिश्रा ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव व राज्य के वन मंत्री संजय शर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
योगेश मिश्रा ने कहा कि नगर निगम अलवर द्वारा जेसीबी मशीनें 35 लाख रुपये में खरीदी जा रही हैं, जबकि गाजियाबाद नगर निगम ने वही मशीनें मात्र 27 लाख रुपये में खरीदी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मशीन का ब्रांड और क्षमता समान होने के बावजूद 8 लाख रुपये प्रति मशीन की अतिरिक्त लागत भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। कांग्रेस नेताओं ने निष्कासित भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सीटीएच जमीन प्रकरण में दोनों मंत्रियों पर 500 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप स्वयं भाजपा के पूर्व विधायक ने लगाए हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मिश्रा ने यह भी कहा कि सरिस्का टाइगर रिजर्व की सीमाओं को सीटीएच के बहाने बदला जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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इस मौके पर हाल ही में हुई अमित सैनी की संदिग्ध मौत का मामला भी उठाया गया। मिश्रा ने बताया कि अमित सैनी ने अपने सुसाइड नोट में तीन पुलिसकर्मियों के नाम लिखे थे, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उल्टा पीड़ित परिवार पर ही दबाव बनाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जलूस के रूप में मिनी सचिवालय पहुंचे और वहां धरना दिया। धरना स्थल पर सरकार और मंत्रियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और विरोध दर्ज कराया गया।